सरकार का बड़ा ऐलान! SHG महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार, हर साल लगेंगे 2 सरस मेले

Self Help Group: केंद्र सरकार ने DAY-NRLM के तहत ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की पहल तेज कर दी है. अब सरस मेले, रिटेल आउटलेट, ई-सरस और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए SHG उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी.

नोएडा | Updated On: 1 Aug, 2026 | 06:16 PM

SHG Products: ग्रामीण इलाकों में काम करने वाली लाखों महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं अपने बनाए हुए उत्पादों को सिर्फ गांव या जिले तक ही सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उन्हें देशभर के बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सरकार मदद करेगी. केंद्र सरकार दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत ऐसी कई योजनाएं चला रही है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की कमाई बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.

सरकार का कहना है कि, SHG समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए सरस मेले, रिटेल आउटलेट, ई-सरस पोर्टल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा. इससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए ज्यादा बाजार मिलेंगे और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी.

बड़े बाजारों तक पहुंचेगा महिलाओं का सामान

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने राज्यसभा में जानकारी दी कि सरकार ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने पर काम कर रही है. इसके लिए देशभर में स्वयं सहायता समूहों को अलग-अलग माध्यमों से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है. सरकार चाहती है कि, गांवों में बनने वाले हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, कपड़े, घरेलू सामान और अन्य वस्तुएं अब बड़े शहरों और ऑनलाइन बाजारों में भी आसानी से बिक सकें.

सरस मेले से मिलेगा कारोबार बढ़ाने का मौका

DAY-NRLM के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) हर साल कम से कम दो सरस मेलों का आयोजन कर सकते हैं. इन मेलों में स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और सीधे ग्राहकों को बेचने का अवसर मिलता है. राजस्थान में राजीविका ने भी स्थानीय जरूरतों और बाजार की संभावनाओं को देखते हुए सरस मेले आयोजित करने और SHG ब्रांड के तहत रिटेल आउटलेट खोलने के लिए कई स्थानों की पहचान की है. ऐसे आयोजनों से महिलाओं को नए ग्राहक मिलते हैं और उनके उत्पादों की पहचान भी बढ़ती है.

ऑनलाइन बिक्री पर सरकार का खास जोर

सरकार अब सिर्फ ऑफलाइन बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहती. इसी वजह से SHG समूहों को ई-सरस और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आने से ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले ग्राहक आसानी से खरीद सकेंगे. इससे बिक्री बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं की आमदनी में भी सुधार होने की उम्मीद है.

ब्रांडिंग और पैकेजिंग की भी मिलेगी ट्रेनिंग

अक्सर देखा जाता है कि अच्छे उत्पाद होने के बावजूद सही पैकेजिंग और ब्रांडिंग की कमी के कारण उन्हें बाजार में उचित पहचान नहीं मिल पाती. इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार SHG समूहों को कई तरह की ट्रेनिंग दे रही है. इनमें शामिल हैं:

इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है, ताकि उनके उत्पाद बड़े ब्रांडों से मुकाबला कर सकें.

कौशल विकास पर भी रहेगा फोकस

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) की ओर से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों में महिलाओं को उत्पाद विकास, क्वालिटी सुधार, व्यवसाय प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, दस्तावेजीकरण और निर्यात प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं. सरकार का मानना है कि अगर महिलाओं को सही प्रशिक्षण और बाजार दोनों मिल जाएं, तो वे अपने छोटे कारोबार को बड़े स्तर तक ले जा सकती हैं.

महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का लक्ष्य सिर्फ उत्पाद बेचवाना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है. अगर SHG समूहों के उत्पाद देशभर के बाजारों तक पहुंचते हैं, तो इससे लाखों महिलाओं की आय बढ़ेगी, नए रोजगार के अवसर बनेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. सरस मेले, ई-सरस, रिटेल आउटलेट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसी पहलें ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय बाजार से निकालकर राष्ट्रीय और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं.

Published: 1 Aug, 2026 | 09:01 PM

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