दो राज्यों का 32 साल पुराना जल विवाद सुलझा, हथिनी कुंड के पानी से सिंचित होगी 1.05 लाख हेक्टेयर खेती

Haryana Rajasthan sign MoU Yamuna water agreement : हरियाणा और राजस्थान के बीच 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड (Upper Yamuna River Board-UYRB) समझौते को लागू करने के लिए अब दोनों राज्यों के बीच केंद्रीय मंत्री अमित शाह की निगरानी में MoA साइन किया गया है.

नोएडा | Published: 29 Jun, 2026 | 03:22 PM

हरियाणा और राजस्थान ने 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करने के लिए MoU पर साइन किए हैं. इसके साथ ही 32 साल पुराना जल विवाद अब थम गया है. दोनों राज्यों के बीच हुए समझौते के तहत हथिनी कुंड से मॉनसून के समय राजस्थान को पानी मिल सकेगा. इसके लिए पाइपलाइन बिछाकर नहरों से जोड़ा जाएगा ताकि पेयजल के साथ ही खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्धता बनाई जा सके. इससे राजस्थान के झुंझनू, सीकर समेत अन्य जिलों की 1.05 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन को सिंचाई का पानी मिल सकेगा.

अमित शाह की निगरानी में 32 साल बाद जल विवाद सुलझा

हरियाणा और राजस्थान ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) समझौते को लागू करने के लिए एक समझौते पर साइन किए. इस समझौते से राजस्थान को मॉनसून के दौरान हथिनी कुंड बैराज से पानी मिल सकेगा. शाह के अलावा, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी MoU समारोह में शामिल हुए. UYRB समझौता 32 साल पहले 1994 में हुआ था, लेकिन राजस्थान तक पानी पहुंचाने के लिए नहर प्रणाली न होने के कारण इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका था.

हथिनी कुंड से पानी पहुंचाने के लिए खर्च होंगे 34 हजार करोड़

हरियाणा और राजस्थान के बीच 29 जून 2026 को 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड (Upper Yamuna River Board-UYRB) समझौते को लागू करने के लिए अब दोनों राज्यों के बीच MoA हुआ है. परियोजना के तहत राजस्थान को 1994 समझौते के तहत मिलने वाला 1,917 क्यूसेक यमुना जल हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये है. इससे शेखावाटी क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और भूजल संकट कम होने की उम्मीद है. समझौते के तहत हरियाणा के हिस्से में यमुना नदी पर बने हथिनी कुंड से पानी राजस्थान को पाइपलाइन के जरिए दिया जाएगा जो नहरों से होते हुए राजस्थान के जिलों में पहुंचेगा.

राजस्थान के किन जिलों को मिलेगा लाभ?

हथिनी कुंड का पानी मिलने का सबसे बड़ा लाभ राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के लोगों को मिलेगा. यहां के झुंझुनू, चूरू और सीकर जिलों का पानी संकट दूर हो जाएगा. इसके साथ ही इन जिलों में सिंचाई के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति में भी सुधार होगा. विशेष रूप से खेतड़ी, श्रीमाधोपुर और नीमकाथाना क्षेत्र भी लाभान्वित होंगे. इन इलाकों में अकसर खरीफ सीजन के दौरान सूखे की वजह से फसलें सूख जाती हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

1.05 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन को मिलेगा सिंचाई का पानी

परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार कुल कमांड एरिया (Gross Command Area) का लगभग 1,21,695 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा. वही, कृषि योग्य कमांड एरिया (Culturable Command Area) को लगभग 1,05,000 हेक्टेयर सिंचाई के जलापूर्ति हो सकेगी. रबी सीजन में प्रस्तावित सिंचाई एरिया लगभग 84,000 हेक्टेयर रहने वाला है. यानी परियोजना से लगभग 1.05 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है.

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