Wheat Export: सरकार ने गेहूं निर्यात पर बैन हटाया, ट्रेडर्स को मिलेगा लाभ.. किसान-उपभोक्ता का क्या होगा?

India lifts export ban on wheat : केंद्र सरकार ने निर्यात नीति में संशोधन किया है. इसके तहत गेहूं और गेहूं के आटे के निर्यात पर लगी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से हटा दी गई हैं. सरकार के इस फैसले से ट्रेडर्स को फायदा होने वाला है.

नई दिल्ली | Updated On: 24 Aug, 2026 | 04:02 PM

Wheat Export: सरकार ने गेहूं और गेहूं के आटे के निर्यात पर लगी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से हटा दी हैं. लंबे समय से घरेलू उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया था. सरकार के इस फैसले से गेहूं कारोबारियों और निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. निर्यात की अनुमति मिलने से भारतीय गेहूं को विदेशी बाजारों में बेचने का रास्ता फिर खुल गया है.

विदेश व्यापार मंत्रालय ने नोटीफिकेशन जारी किए

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने गेहूं, गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाने संबंधी निर्देश जारी कर दिया है. DGFT ने इस संबंध में 24 अगस्त 2026 को दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं हैं. दोनों मामलों में उत्पादों को मौजूदा प्रतिबंधित (Prohibited) निर्यात कैटेगरी से हटाकर मुक्त (Free) कैटेगरी में ट्रांसफर कर दिया गया है.

गेहूं आटा उत्पादों के निर्यात नीति में भी संशोधन

इसके अलावा गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों की निर्यात नीति में संशोधन किया गया है. इससे संबंधित निर्देश गेहूं या मेसलिन आटा, मैदा, सूजी (रवा), होलमील आटा, और रिजल्टेंट आटा आदि उत्पादों का निर्यात प्रतिबंधित कैटेगरी से हटाकर मुक्त कैटेगरी कर दिया है.

3 साल तक गेहूं के निर्यात पर लगा था बैन

केंद्र सरकार ने गेहूं पर तीन साल से प्रतिबंध लगा रखा था, जिसे इस साल फरवरी 2026 में खोला गया था. उसके बाद 20 अप्रैल को अतिरिक्त 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं निर्यात को मंजूरी दी गई. हालांकि, बाद में फिर रोक लगा दी गई थी. घरेलू बाजार में गेहूं की उपलब्धता और कीमतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लंबे समय तक निर्यात नियंत्रण रखा था. साल 2024-25 में भारत का गेहूं निर्यात बहुत कम होकर करीब 20 लाख डॉलर रह गया था, जबकि 2021-22 में यह करीब 2.1 अरब डॉलर था.

DGFT ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध हटाने संबंधी नोटीफिकेशन जारी किया.

उपभोक्ता और किसानों पर क्या होगा फैसले का असर

दूसरी ओर, चीनी, प्याज समेत कुछ अन्य खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार के गेहूं निर्यात पर लिए गए फैसले पर आलोचक चिंता जता रहे हैं. बाजार में गेहूं, आटा और इससे बनने वाले उत्पादों की कीमतों में बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही है. इसके असर से उपभोक्ता पर बोझ बढ़ने का खतरा है. हालांकि, सरकार के इस फैसले से किसानों को सीधे तौर पर कोई बड़ा फायदा नहीं मिलने वाला है.

Published: 24 Aug, 2026 | 03:38 PM

Topics: