अमेरिका में भारतीय आम का जलवा, ह्यूस्टन मैंगो फेस्टिवल में केसर-लंगड़ा के दीवाने हुए लोग, बढ़ेंगे निर्यात के मौके

Indian Mango Exports: भारतीय आमों को अमेरिका के बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए टेक्सास के ह्यूस्टन में दो दिवसीय 'मैंगो फेस्टिवल इंडिया शोकेस' आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में भारतीय निर्यातकों, अमेरिकी आयातकों और रिटेल कारोबारियों को एक मंच पर लाया गया.

नोएडा | Updated On: 5 Jul, 2026 | 07:23 PM

Mango Festival: भारत के स्वादिष्ट और मशहूर आम अब अमेरिका के बड़े बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर बढ़ रहे हैं. इसी मकसद से अमेरिका के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन शहर में दो दिवसीय ‘मैंगो फेस्टिवल इंडिया शोकेस’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ भारतीय आमों का स्वाद लोगों तक पहुंचाना नहीं था, बल्कि भारतीय निर्यातकों, अमेरिकी आयातकों और बड़े रिटेल कारोबारियों को एक मंच पर लाकर व्यापार के नए रास्ते खोलना भी था. यह आयोजन भारत की कृषि उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

दो दिन में अलग-अलग अंदाज में हुआ आयोजन

ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन (IACCGH) और एपीडा (APEDA) के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम के पहले दिन महावाणिज्य दूतावास में बिजनेस मीटिंग हुई, जिसमें भारतीय निर्यातकों, अमेरिकी आयातकों और व्यापारियों ने भारतीय आमों की बिक्री बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. साथ ही इस बात पर भी विचार किया गया कि भारतीय आमों को अमेरिका के बड़े सुपरमार्केट तक आसानी से कैसे पहुंचाया जाए.

दूसरे दिन ह्यूस्टन के हिलक्रॉफ्ट स्थित कीमत स्टोर में आम लोगों के लिए प्रदर्शनी लगाई गई. यहां लोगों ने अलग-अलग किस्म के भारतीय आमों का स्वाद चखा और अपनी पसंद भी बताई. इससे व्यापारियों को अमेरिकी ग्राहकों की पसंद समझने में मदद मिली.

केसर, चौसा और लंगड़ा ने जीता लोगों का दिल

टेक्सास की तेज गर्मी के बावजूद मैंगो फेस्टिवल में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. भारतीय मूल के लोगों के साथ बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक भी इस कार्यक्रम में पहुंचे. फेस्टिवल में लोगों ने भारत के मशहूर केसर, चौसा, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसे आमों का स्वाद लिया. इनमें केसर और लंगड़ा आम सबसे ज्यादा पसंद किए गए.

अब तक अमेरिका में भारतीय आम सिर्फ सीमित मात्रा में और खास ऑर्डर पर ही मिलते थे. लेकिन इस आयोजन का मकसद इन्हें बड़े रिटेल स्टोर्स तक पहुंचाना है, ताकि आम लोग भी आसानी से भारतीय आम खरीद सकें.

भारत-अमेरिका व्यापार को मिलेगा नया बल

भारत के महावाणिज्य दूत डी.सी. मंजूनाथ ने कहा कि, ऐसे आयोजन दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं. इससे टेक्सास के कारोबारी सीधे भारतीय कंपनियों और निर्यातकों से जुड़ सकते हैं. वहीं, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन के संस्थापक जगदीप अहलूवालिया ने कहा कि ह्यूस्टन अमेरिका के दक्षिणी हिस्से का बड़ा व्यापारिक केंद्र है. उन्होंने कारोबारियों से ‘इंडिया-यूएसए ट्रेड पोर्टल’ का इस्तेमाल करने की अपील की, ताकि वे भरोसेमंद भारतीय आपूर्तिकर्ताओं से सीधे संपर्क कर सकें.

अब दूसरे भारतीय कृषि उत्पादों की भी बढ़ेगी पहुंच

अधिकारियों का मानना है कि, अगर भारतीय आमों को अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है, तो भविष्य में अमेरिका के बाजारों में भारत के अन्य कृषि उत्पादों की मौजूदगी भी बढ़ाई जाएगी. इनमें अनार, सेब, जैविक शहद, कश्मीरी केसर, बासमती चावल और आम से बने विभिन्न खाद्य उत्पाद शामिल हैं. इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को नए बाजार मिलेंगे और कृषि निर्यात को भी मजबूती मिलेगी.

भारत के कृषि निर्यात के लिए अच्छी खबर

इससे पहले जून महीने में सिएटल, न्यूयॉर्क और वाशिंगटन में भी ऐसे मैंगो फेस्टिवल आयोजित किए जा चुके हैं. ह्यूस्टन का यह आयोजन दिखाता है कि, भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है. अगर ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे, तो आने वाले समय में भारतीय आम और दूसरे कृषि उत्पाद अमेरिका के बड़े सुपरमार्केट में आम तौर पर उपलब्ध हो सकते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा भारत के किसानों, निर्यातकों और देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा.

Published: 5 Jul, 2026 | 09:58 PM

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