PM Kisan Yojana Bihar News: पीएम किसान सम्मान निधि योजना में किसानों के साथ लाखों की ठगी का मामला सामने आया है. बिहार के भागलपुर पुलिस ने दो आरोपियों को 6 लाख से ज्यादा रकम के साथ और कई लैपटॉप-मोबाइल के साथ पकड़ा है. आरोपियों के पास कई एटीएम कार्ड, किसानों के आधार कार्ड और जमीन के कागज भी मिले हैं. पुलिस मामले में गिरफ्तारी के बाद कई जिलों में छापेमारी कर रही है. आरोपियों की योजना किसानों के नाम नया खाता खोलकर फर्जी तरीके से केसीसी लोन उठाने और हड़पने की योजना थी.
बिहार में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के जरिए किसानों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. भागलपुल जिले के एसपी सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के लाभुकों के खातों से रकम की अवैध निकासी करने वाले साइबर अपराधियों के गिरोह का पर्दाफाश किया गया है. इस गिरोह के दो आरोपियों को पकड़ा गया है. भागलपुर पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 लाख 33 हजार रुपये नकद, साथ ही लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और अन्य उपकरण बरामद किए हैं.
ई-केवाइसी के नाम पर किसानों के पैसे हड़प रहे थे जालसाज
एसपी सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भागलपुर जिले के बदलीगंज थाना ईशीपुर बराहट निवासी किसान चंदन कुमार साह, पिता–सरयु साह ने कुछ दिन पहले लिखित शिकायत दी थी कि पीएम किसान योजना के तहत जिन किसानों के खाते का ई-केवाईसी नहीं हुआ था, उनके खातों की ई-केवाईसी करने के नाम पर फर्जी तरीके से किसानों के खाते खोलकर गिरोह किसानों की राशि की अवैध तरीके से निकासी कर रहे हैं. किसानों के नए खाते खोलकर उनके नाम पर लोन लेने की योजना भी थी.
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छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को दबोचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक (नगर) एवं पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी शुरू की गई. तकनीकी जांच के दौरान यह पता चला कि साइबर अपराधी अपने साथियों की मदद से मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के वारसलीगंज मोहल्ले से गिरोह का संचालन कर रहे हैं. गठित टीम ने सूचना का सत्यापन करते हुए वारसलीगंज स्थित एक मकान में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकदी, लैपटॉप और किसानों के कागज मिले
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में अमर कुमार तांती (पिता–अर्जुन कुमार तांती), निवासी मारुफचक, थाना मोजाहिदपुर जिला भागलपुर, राहुल कुमार (पिता–महेंद्र साह), निवासी वारसलीगंज, थाना मोजाहिदपुर जिला भागलपुर हैं. आरोपियों के पास पुलिस ने 6 लाख 33 हजार रुपये नकद, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक बायोमेट्रिक मशीन, एक मोबाइल प्रिंटर, 10 एटीएम कार्ड, 12 खाता पासबुक, दो आधार कार्ड, तीन अन्य कांड से संबंधित दस्तावेज और एक नोटबुक बरामद किए हैं.

दो साइबर ठगों की गिरफ्तारी और छापेमारी अभियान की जानकारी देते भागलपुर एसपी सिटी.
किसानों के नाम नया खाता खोलकर फर्जी तरीके से केसीसी लोन लेने की योजना थी
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने किसानों के खातों से अवैध निकासी करने की बात स्वीकार की. पुलिस के अनुसार गिरोह उन किसानों को निशाना बनाता था जिनका केवाईसी अधूरा था. फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बैंक खातों तक पहुंच बनाकर योजना की राशि निकाल ली जाती थी. इसके साथ ही आरोपियों ने बताया कि वे किसानों के नए खाते खोलकर उनके नाम पर फर्जी तरीके से केसीसी के तहत लोन लेने की योजना बना रहे थे.
गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए कई जगह छापेमारी कर रही पुलिस
एसपी सिटी ने कहा कि फिलहाल पुलिस अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. उन्होंने कहा कि जिले के बाहर भी कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है, जल्द गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. भागलपुर पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर किसानों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का केवाईसी समय पर अपडेट कराएं और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें. साइबर ठगी से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है.