Haryana News: हरियाणा और राजस्थान के किसानों ने हिसार-घग्गर ड्रेन की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को चेतावनी दी है. किसानों का कहना है कि यदि 20 जून तक ड्रेन की सफाई और मरम्मत का काम पूरा नहीं हुआ, तो वे हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के आवास का घेराव करेंगे. सिरसा के ओटू हेड पर आयोजित महापंचायत में किसानों ने आरोप लगाया कि ड्रेन की खराब हालत के कारण हर साल बाढ़, जलभराव और फसल नुकसान की समस्या से उन्हें जूझना पड़ता है.
किसानों ने सरकार से मांग की कि ड्रेन की सफाई और सुदृढ़ीकरण का काम जल्द पूरा किया जाए, ताकि आने वाले मॉनसून में किसानों को नुकसान न उठाना पड़े. किसान नेता संदीप धीरनवास और राजस्थान के पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने ‘द ट्रिब्यून’ को कहा कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि हिसार-घग्गर ड्रेन की सफाई, उसमें जमी गाद हटाने, कांटेदार झाड़ियों की कटाई और तटबंधों को मजबूत करने का काम 20 जून तक पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा तक काम पूरा नहीं हुआ, तो हरियाणा और राजस्थान के किसान 25 जून को भिवानी में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. किसान नेताओं ने कहा कि वे राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगेंगे और ड्रेन की बदहाल स्थिति से किसानों को हो रहे नुकसान का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाएंगे.
किसान बैठक बुलाने की घोषणा
महापंचायत में किसान नेताओं ने 22 जून को नाथूसरी चौपटा में एक और किसान बैठक बुलाने की घोषणा की, जिसमें ड्रेन की सफाई और मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इस महापंचायत में हिसार, भिवानी और राजस्थान के आसपास के इलाकों से सैकड़ों किसान और मजदूर शामिल हुए. सभी ने हिसार-सिरसा बहुउद्देश्यीय घग्गर ड्रेन से होने वाले जलभराव और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई.
खेत आज भी 3 से 4 फीट तक पानी में डूबे हुए हैं
सभा को संबोधित करते हुए सिरसा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने स्थानीय विधायक अर्जुन चौटाला से इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया तो किसान विधायक के आवास के बाहर भी प्रदर्शन कर सकते हैं. किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई बार घोषणाएं और बजट आवंटित किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर बहुत कम काम हुआ है. उनका कहना है कि ड्रेन टूटने और रखरखाव की कमी के कारण कई गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है. वहीं, कई किसानों के खेत आज भी 3 से 4 फीट तक पानी में डूबे हुए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
कई हिस्सों में अभी भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं
किसान नेता प्रकाश सिंह मामेरा ने कहा कि क्षेत्र के कई हिस्सों में अभी भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल भी किसानों को इसी तरह भारी नुकसान उठाना पड़ा था और इस बार भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. महापंचायत में किसानों ने हिसार-घग्गर ड्रेन की गाद निकालने, तटबंधों को मजबूत करने, ओटू हेड पर लिफ्ट सिंचाई प्रणाली लगाने और घग्गर नदी का पानी साउथ घग्गर नहर तथा धानी शेरां फ्लडी माइनर में छोड़े जाने की मांग की. किसानों ने विरोध जताते हुए हरियाणा सरकार का पुतला भी फूंका. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याएं सुनने के लिए अब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा है.