खेती में AI टूल्स के इस्तेमाल को इंडस्ट्री ने बताया बड़ा कदम, ISMA ने कहा- उपज बढ़ेगी तो एग्री वैल्यू चेन मजबूत होगी
ISMA के डायरेक्टर जनरल दीपक बल्लानी ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर कहा कि AI आधारित और टेक्नोलॉजी आधारित कृषि बदलाव महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण वैल्यू चेन को मजबूत करके, कचरे से ऊर्जा बनाने के समाधानों को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला है ये बजट.
केंद्रीय वित्तमंत्री ने बजट 2026 पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की हैं, जिनमें कृषि विस्तार और विकास के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने का ऐलान किया है. AI टूल्स के इस्तेमाल से उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी और विपरीत मौसम की जानकारी किसानों को पहले मिलेगी, जिससे नुकसान कम होगा. वहीं, लागत घटने के साथ ही उत्पादन में बढ़त होने से एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूती मिलेगी.
एआई टूल्स से उत्पादन बढ़ेगा और एग्री वैल्यू मजबूत होगी
ISMA के डायरेक्टर जनरल दीपक बल्लानी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को कृषि क्षेत्र और इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक बताया है. उन्होंने कहा कि AI आधारित और टेक्नोलॉजी आधारित कृषि बदलाव महत्वपूर्ण पहल है. इसके साथ-साथ बायोफ्यूल जैसे घरेलू स्वच्छ ऊर्जा तरीकों को प्राथमिकता देकर भारत की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने की कोशिश को यह बजट मजबूती देता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण वैल्यू चेन को मजबूत करके, कचरे से ऊर्जा बनाने के समाधानों को बढ़ावा देकर, कम कार्बन वाले औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने के साथ डेटा और AI समर्थित कृषि सलाहकार सिस्टम को सक्षम करके यह बजट कृषि के लिए बेहतर उम्मीदें लेकर आया है.
इथेनॉल, CBG और बड़े बायो एनर्जी इकोसिस्टम से कृषि आय बढ़ेगी
बजट में किए गए ऐलान से इथेनॉल, CBG और बड़े बायो-एनर्जी इकोसिस्टम के लिए आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिति को मजबूती मिलेगी. चीनी और बायो एनर्जी सेक्टर के लिए इस आत्मनिर्भरता के विजन को अब E20 से आगे एक स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हुए लॉन्ग टर्म इथेनॉल ब्लेंडिंग रोडमैप के जरिए सपोर्ट किया जाना चाहिए. ताकि निवेश के अगले चरण को अनलॉक किया जा सके, साथ ही किसानों की आय बढ़ाई जा सके और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके.
चीनी कॉम्प्लेक्स को इंटीग्रेटेड बायो एनर्जी हब में बदलने का रास्ता साफ हुआ
दीपक बल्लानी ने कहा कि ये उपाय चीनी कॉम्प्लेक्स को इंटीग्रेटेड बायो एनर्जी हब में बदल सकते हैं. इससे जीवाश्म ईंधन का आयात कम होगा, घरेलू ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और बायोफ्यूल को भारत के आत्मनिर्भर स्वच्छ ऊर्जा बदलाव की आधारशिला के रूप में स्थापित किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि इससे राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों और लॉन्ग टर्म आर्थिक लचीलेपन को बढ़ावा मिलेगा.
किसानों की कमाई बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित और बाजार से जुड़े दृष्टिकोण को अपनाता है. भारत-विस्तार जैसी पहलें उत्पादकता बढ़ाने, आय में विविधता लाने और ग्रामीण रोजगार पैदा करने के लिए AI आधारित सलाह और बाजार की जानकारी देंगी. वहीं, जबकि भंडारण, कोल्ड चेन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए SHE-मार्ट, कौशल विकास, ई-मार्केट इंटीग्रेशन और स्थायी खेती के तरीकों में निवेश मिलकर कृषि अर्थव्यवस्था में लचीली ग्रामीण आजीविका और समावेशी विकास का समर्थन करते हैं.