ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बनीं लखपति दीदियां, 12 लाख करोड़ राशि से खेती के साथ समाज को बेहतर कर रहीं

Lakhpati Didi Yojana: केंद्रीय कषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर में 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर काम कर रही हैं. इससे उनकी कला को बाजार तक पहुंचने का रास्ता मिला और वे खुद के साथ अन्य लोगों को रोजगार देने वाली बनी हैं.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 25 Jan, 2026 | 01:27 PM

लखपति दीदियां देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं. लखपति दीदियां थोड़े से सहयोग मिलने से खेती और समाज में बड़ा पॉजिटिव इंपैक्ट क्रिएट कर रही हैं. उन्होंने खेती में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में योगदान दे रही हैं. जबकि, ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं के लिए जागरूक कर रही हैं और स्वयं अपने घर की माली हालत सुधार रही हैं और गांवों की आर्थिक स्थिति में सुधार ला रही हैं. उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत से अब तक स्वयं सहायता समूहों के जरिए जुड़ी महिलाओं को 12 लाख करोड़ रुपये लोन के रूप में दिए जा चुके हैं. इस राशि से महिलाएं रोजगार, ग्रामीण कला और कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर के बाजारों तक पहुंचा रही हैं.

ग्रामीण महिला शक्ति देश की समृद्धि की असली धुरी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा नई दिल्ली में आयोजित समृद्ध दीदी से समृद्ध राष्ट्र कार्यक्रम में उपस्थित लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का प्रोत्साहन किया. उन्होंने कहा कि भारत की ग्रामीण महिला शक्ति देश की समृद्धि की असली धुरी है. उन्होंने कहा कि लखपति दीदियां खेती के साथ समाज के आर्थिक सुधार में बड़ी भूमिका निभा रही हैं. बीते कुछ सालों में देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनका बड़ा योगदान दर्ज किया गया है.

सरकार ने 12 लाख करोड़ से ज्यादा राशि महिलाओं को दिए

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 12 लाख करोड़ से ज्यादा की लोन राशि स्वयं सहायता समूहों के जरिए खेती और समाज के विकास में काम करने के लिए महिलाओं को जारी किए हैं. इस राशि की मदद से महिलाएं स्वावलंबी बनीं हैं और अपने रोजगार स्थापित किए हैं. उन्होंने कहा कि महिलाएं आजीविका मिशन के जरिए जुड़कर लखपति बन रही हैं.

स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर लाभ ले रहीं 10 करोड़ बहनें

कृषि मंत्री ने कहा कि देशभर में 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर काम कर रही हैं. इससे उनकी कला को बाजार तक पहुंचने का रास्ता मिला और वे खुद के साथ अन्य लोगों को रोजगार देने वाली बनी हैं. शिवराज सिंह ने महिलाओं को स्वावलंबी बनने, अपने कौशल को बाजार तक पहुंचाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

Lakhpati Didi Yojana

कृषि मंत्री ने लखपति दीदियों के कार्यों की सराहना की.

देश में लखपति दीदियों की संख्या 2.90 करोड़ पहुंची

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश भर में 2 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को 3 करोड़ तक पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण को और बढ़ावा मिल सके. उन्होंने कहा कि आज तक के आंकड़ों में लखपति दीदियों की संख्या 2.90 करोड़ पहुंच गई है, जो पीएम मोदी की ओर से दिए गए 3 करोड़ लखपति दीदियों के लक्ष्य के बेहद नजदीक है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता न केवल उनकी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि समग्र रूप से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है, और यह भारतीय संस्कृति एवं विविधता का जश्न भी है.

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Published: 25 Jan, 2026 | 01:17 PM

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