पेड़ों के तनों पर सफेद चूना क्यों लगाया जाता है? वजह जानकर चौंक जाएंगे, किसान जरूर जान लें ये ट्रिक

White Lime On Tree Trunk: बागानों और नर्सरी में अक्सर पेड़ों के तनों पर सफेद चूने का लेप किया हुआ दिखाई देता है. यह केवल सजावट नहीं बल्कि पौधों को कीटों और बीमारियों से बचाने का एक प्रभावी तरीका है. चूना तने पर एक सुरक्षा परत बनाता है जिससे कई कीट ऊपर नहीं चढ़ पाते. साथ ही यह पौधों को कैल्शियम भी उपलब्ध कराता है, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है और पेड़ लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 11 Mar, 2026 | 08:32 PM

Tips For Farmers: अगर आप कभी किसी बागान, नर्सरी या बड़े कृषि केंद्र में गए होंगे तो आपने कई पेड़ों के तनों पर सफेद रंग का लेप जरूर देखा होगा. पहली नजर में यह सिर्फ सजावट जैसा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण छिपा होता है. भारतीय कृषि अनुसंधान की ओर से जारी कृषि एडवाइजरी के मुताबिक पेड़ों के तनों पर लगाया जाने वाला यह सफेद लेप चूने और कुछ दवाओं का मिश्रण होता है.

पेड़ों के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है चूना

पेड़ों में लगने वाली ज्यादातर बीमारियां और कीटों का हमला जड़ों या जमीन के पास से शुरू होता है. धीरे-धीरे यह तने के जरिए ऊपर की ओर फैलने लगता है और पूरा पौधा प्रभावित हो सकता है. ऐसे में अगर जमीन से लगभग चार से पांच फीट तक पेड़ के तने पर चूना और फफूंदनाशक दवा मिलाकर लेप कर दिया जाए, तो यह एक तरह से सुरक्षा कवच का काम करता है. इससे कई प्रकार के फफूंद और कीटों का असर काफी हद तक कम हो जाता है और पेड़ लंबे समय तक स्वस्थ बने रहते हैं.

कीटों को ऊपर चढ़ने से रोकता है

विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत कीट और हानिकारक जीव जमीन के पास से तने के जरिए ऊपर की ओर बढ़ते हैं. जब तने पर चूने का लेप किया जाता है तो यह उनके लिए एक बाधा बन जाता है. चूने की परत के कारण कीट आसानी से तने पर चढ़ नहीं पाते और पेड़ के ऊपरी हिस्से तक नहीं पहुंचते. इससे पत्तियों, फूलों और फलों को नुकसान होने की संभावना काफी कम हो जाती है. यही कारण है कि बागवानी में यह तरीका काफी प्रभावी माना जाता है. चूना केवल सुरक्षा ही नहीं देता, बल्कि पौधों के लिए पोषण का भी एक अच्छा सोर्स माना जाता है. इसमें कैल्शियम की मात्रा होती है, जो पौधों की वृद्धि के लिए जरूरी तत्व है.

जब बारिश या सिंचाई के दौरान तने पर लगा चूना धीरे-धीरे मिट्टी में मिल जाता है, तो इससे मिट्टी में कैल्शियम की मात्रा बढ़ती है. इससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और उनकी वृद्धि बेहतर होती है.

बाग की सुंदरता भी बढ़ती है

पेड़ों के तनों पर सफेद चूने का लेप करने से बागान साफ-सुथरा और व्यवस्थित भी दिखाई देता है. दूर से देखने पर यह बाग की सुंदरता को भी बढ़ाता है. यही वजह है कि कई बड़े बागानों, पार्कों और कृषि केंद्रों में यह तरीका अपनाया जाता है. पेड़ों के तनों पर सफेद चूना लगाना सिर्फ सजावट के लिए नहीं होता, बल्कि यह पौधों को कीटों और बीमारियों से बचाने का एक प्रभावी और सस्ता तरीका है. साथ ही यह पौधों को कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है.

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Published: 11 Mar, 2026 | 08:32 PM
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