Kharif Crop 2026: बिहार के गोपालगंज जिले में इस बार मानसून की समय पर सक्रियता ने किसानों को बड़ी राहत दी है. जुलाई महीने में हुई अच्छी बारिश के बाद खरीफ फसलों की बुआई और धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है. कृषि विभाग, बिहार सरकार (Agriculture Department, Govt. of Bihar) के अनुसार, जिले में खरीफ फसलों के निर्धारित लक्ष्य का करीब 93 प्रतिशत क्षेत्र अब तक आच्छादित हो चुका है. पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस बार खरीफ खेती की स्थिति काफी बेहतर बताई जा रही है.
बिहार कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ मौसम 2026 के लिए गोपालगंज जिले में कुल 1 लाख 23 हजार 720.61 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की खेती का लक्ष्य तय किया गया था. इसके मुकाबले अब तक 1 लाख 15 हजार 082.90 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई पूरी हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 93.01 प्रतिशत है. समय पर हुई बारिश के कारण धान, मक्का, दलहन, तेलहन और गन्ने की खेती को भी गति मिली है.
धान की रोपनी 92.90 प्रतिशत पूरी
गोपालगंज जिले की प्रमुख खरीफ फसल धान की रोपनी इस बार तेजी से पूरी हुई है. धान के लिए निर्धारित 89 हजार 206.34 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले अब तक 82 हजार 70.35 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई हो चुकी है, जो 92.90 प्रतिशत है. वहीं धान बिचड़ा उत्पादन का लक्ष्य भी शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है. मक्का की खेती में भी किसानों ने तेजी दिखाई है. जिले में मक्का के लिए निर्धारित 9,803.38 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले 9,327.91 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हो चुकी है. यह उपलब्धि करीब 95.15 प्रतिशत है. गन्ने की खेती में भी लक्ष्य पूरा हो गया है. जिले में गन्ने के लिए तय 17,584 हेक्टेयर क्षेत्र में शत-प्रतिशत आच्छादन दर्ज किया गया है.
खरीफ फसलों की स्थिति (गोपालगंज)
| फसल | निर्धारित लक्ष्य (हेक्टेयर) | अब तक बुआई/रोपनी | उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| धान | 89,206.34 | 82,070.35 | 92.90 फीसदी |
| मक्का | 9,803.38 | 9,327.91 | 95.15 फीसदी |
| दलहन | 5,361.60 | 4,726.39 | 88.16 फीसदी |
| तेलहन | — | — | 83.85 फीसदी |
| गन्ना | 17,584 | 17,584 | 100 फीसदी |
मानसून की बारिश से घटा सिंचाई खर्च
इस बार मानसून ने किसानों का साथ दिया है. 10 जुलाई से जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हुआ और लगातार बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी बनी रही. किसानों के अनुसार, पिछले वर्षों में बारिश में देरी होने के कारण उन्हें डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ती थी, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी. लेकिन इस बार प्राकृतिक बारिश से सिंचाई खर्च कम हुआ है.
अभी भी बारिश की जरूरत, कृषि विभाग कर रहा निगरानी
जुलाई में अब तक जिले में करीब 291 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षापात 314.10 मिलीमीटर है. हालांकि पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसान दोबारा बारिश का इंतजार कर रहे हैं. खासकर धान की फसल के लिए खेतों में नमी बनाए रखना जरूरी है. कृषि विभाग, बिहार सरकार के अनुसार, खरीफ फसलों की लगातार निगरानी की जा रही है और किसानों को आवश्यक तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जा रही है. कृषि अधिकारियों का मानना है कि यदि बारिश में लंबा अंतराल नहीं आता है तो इस बार फसलों की बढ़वार बेहतर रहेगी और अच्छे उत्पादन की संभावना है.