Milking Process: हर दिन दूध निकालते हैं फिर भी कम मिल रहा दूध? जानिए किसानों की सबसे आम गलती

पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार दूध निकालते समय सफाई और सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी है. धीरे और शांत माहौल में दूध निकालने से पशु तनावमुक्त रहते हैं और साफ दूध मिलता है. सही तरीके से दूध निकालने से पशु स्वस्थ रहते हैं और पशुपालकों को बेहतर कमाई का मौका मिलता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 11 Mar, 2026 | 09:32 PM

Milking Process: दूध निकालना पशुपालन का सबसे अहम काम होता है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी लापरवाहियां दूध की गुणवत्ता खराब कर देती हैं. जल्दीबाजी या गलत तरीके से दूध निकालने पर पशु परेशान हो जाते हैं और दूध भी कम मिल सकता है. पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार दूध निकालने का काम हमेशा धीरे, शांत और पूरा करना चाहिए, ताकि पशु तनावमुक्त रहें और साफ व सुरक्षित दूध मिल सके. सही तरीके से दूध निकालना पशुपालकों के लिए ज्यादा फायदा दिला सकता है.

शांत माहौल में दूध निकालना जरूरी

पशुपालन और डेयरी विभाग का कहना है कि दूध निकालते  समय माहौल शांत होना बहुत जरूरी है. अगर आसपास ज्यादा शोर हो या पशु को डराया जाए तो वह तनाव में आ जाता है. जब पशु डर जाता है तो वह पूरा दूध नहीं देता और दूध की मात्रा कम हो जाती है. इसलिए दूध निकालते समय पशु के साथ प्यार से व्यवहार करना चाहिए. अगर पशु आराम से रहेगा तो दूध भी आसानी से और ज्यादा मात्रा में मिलेगा. शांत माहौल पशु के स्वास्थ्य  के लिए भी अच्छा माना जाता है.

साफ-सफाई से मिलता है सुरक्षित दूध

साफ दूध पाने के लिए दूध निकालते समय सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. दूध निकालने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए और पशु के थनों को भी साफ पानी से धो लेना चाहिए. अगर गंदे हाथ या गंदे बर्तन इस्तेमाल किए जाएं तो दूध जल्दी खराब हो सकता है और उसमें कीटाणु भी पनप  सकते हैं. साफ बर्तन और साफ जगह पर रखा गया दूध ज्यादा समय तक सुरक्षित रहता है और पीने के लिए भी बेहतर माना जाता है.

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शांत माहौल में दूध निकालना पशुओं के लिए जरूरी.

धीरे और पूरा दूध निकालना फायदेमंद

पशुपालन विभाग के अनुसार दूध निकालते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. दूध को धीरे-धीरे और आराम से निकालना चाहिए ताकि पशु को दर्द या परेशानी न हो. अगर दूध पूरा नहीं निकाला जाता तो थनों में समस्या होने का खतरा बढ़ सकता है. कई बार अधूरा दूध निकालने से पशु को बीमारी  भी हो सकती है. इसलिए हमेशा पूरा दूध निकालना चाहिए ताकि पशु स्वस्थ रहे और अगली बार भी अच्छी मात्रा में दूध दे सके.

तनावमुक्त पशु रहते हैं स्वस्थ

विशेषज्ञों का मानना है कि जो पशु तनावमुक्त रहते हैं वे ज्यादा स्वस्थ होते हैं और ज्यादा दूध देते हैं. अगर पशु को समय पर चारा, पानी और आराम मिले तो उसका शरीर मजबूत रहता है. तनाव में रहने वाले पशु जल्दी बीमार पड़ सकते हैं और उनका दूध भी कम हो सकता है. इसलिए पशुपालकों को पशुओं की देखभाल  पर पूरा ध्यान देना चाहिए. स्वस्थ पशु ही अच्छी कमाई का आधार बनते हैं.

साफ दूध से बढ़ती है कमाई

साफ और अच्छी गुणवत्ता वाला दूध बाजार में ज्यादा पसंद किया जाता है. अगर दूध साफ और सुरक्षित होगा तो डेयरी या ग्राहक  अच्छे दाम देने को तैयार रहते हैं. पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार सही तरीके से दूध निकालने से दूध की गुणवत्ता बेहतर होती है और पशुपालकों को ज्यादा फायदा मिलता है. साफ दूध से न सिर्फ कमाई बढ़ती है बल्कि लोगों को भी सुरक्षित दूध मिलता है. इस तरह अगर पशुपालक दूध निकालने के सही तरीके अपनाएं तो पशु स्वस्थ रहेंगे, दूध साफ मिलेगा और कमाई भी बेहतर होगी. सही तरीका अपनाना ही सफल पशुपालन की पहचान है.

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Published: 11 Mar, 2026 | 09:32 PM
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