Jewar Airport: जमीन दी, अब हवाई सफर किया! जेवर एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट में उड़े 172 किसान

जेवर एयरपोर्ट से पहली यात्री उड़ान के साथ एक अनोखा और भावुक अध्याय जुड़ गया. इस ऐतिहासिक सफर में उन किसानों को शामिल किया गया, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी. यह पहल विकास और किसानों के योगदान को सम्मान देने का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है.

नोएडा | Updated On: 15 Jun, 2026 | 01:53 PM

Jewar Airport: उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एक नया इतिहास रच दिया है. एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल यात्री उड़ान सफलतापूर्वक संचालित हो चुकी है और इस खास यात्रा का हिस्सा बने 172 किसान, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी. पहली उड़ान के साथ ही क्षेत्र के लोगों का वर्षों का इंतजार खत्म हो गया और किसानों ने अपनी ही जमीन पर बने एयरपोर्ट से आसमान की उड़ान भरकर एक यादगार पल को जी लिया.

172 किसानों ने भरी पहली हवाई उड़ान

एयरपोर्ट की पहली यात्री उड़ान में 172 किसानों को शामिल  किया गया. ये वही किसान हैं जिनकी जमीन पर आज देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक खड़ा है. पहली उड़ान में सफर करना किसानों के लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव रहा. कई किसानों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार दिन बताया. एयरपोर्ट परिसर में भी इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला.

लखनऊ पहुंची पहली कमर्शियल फ्लाइट

पहली उड़ान ने जेवर और लखनऊ  के बीच हवाई संपर्क की शुरुआत कर दी. विमान के उड़ान भरने और लैंडिंग के दौरान विशेष व्यवस्थाएं की गईं. एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से पहली फ्लाइट के स्वागत के लिए खास इंतजाम किए गए थे. विमान के सफल संचालन के साथ ही एयरपोर्ट ने व्यावसायिक सेवाओं के नए दौर में प्रवेश कर लिया है.

कई शहरों के लिए शुरू होगी कनेक्टिविटी

एयरपोर्ट संचालन की शुरुआत घरेलू उड़ानों के साथ हो चुकी है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है. फिलहाल लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों  के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की जा रही हैं और जल्द ही अन्य शहरों को भी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. इससे यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के लिए दूसरे एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिलने से यात्रा का समय कम होगा, कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी. आने वाले समय में यह एयरपोर्ट देश के प्रमुख हवाई केंद्रों में शामिल हो सकता है.

विकास, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के शुरू होने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है. एयरपोर्ट से पर्यटन, औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आसपास के इलाकों को भी विकास की नई दिशा देगी. जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान केवल एक हवाई यात्रा नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास की नई उड़ान का प्रतीक बन गई है.

Published: 15 Jun, 2026 | 01:30 PM

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