जल विवाद में किसान संगठनों का राज्यव्यापी बंद का ऐलान, फसलें सूखने की चिंता से घिरे हैं अन्नदाता
Cauvery water dispute karnataka: कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वताल नागराज ने कहा कि हमारे कर्नाटक बंद के आह्वान को कर्नाटक भर के 1600 से ज्यादा कन्नड़ संगठनों और 1,000 से ज्यादा किसान, सामाजिक समेत अन्य संगठनों का समर्थन मिला है. हमारी अंतिम मांग केवल एक है कि किसी भी कीमत पर तमिलनाडु को कावेरी का पानी नहीं छोड़ा जाना चाहिए.
कन्नड़ समर्थक संगठनों और किसानों ने 13 अगस्त को कर्नाटक बंद का ऐलान किया है. यह बंद कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के उस निर्देश के विरोध में बुलाया गया है जिसमें कर्नाटक के बांध से तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है. इससे पहले आज सुबह कृष्णराज सागर बांध पर प्रदर्शन कर रहे किसानों और कन्नड़ संगठनों पर पुलिसिया कार्रवाई ने उनका गुस्सा बढ़ा दिया है.
कावेरी नदी पर कर्नाटक के मांड्या में बने कृष्णराज सागर बांध से तमिलनाडु को पानी छोडने के निर्देशों के बाद किसानों और सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है. सुबह बांध पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद कन्नड़ समर्थक संगठनों ने 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है. यह घोषणा कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वताल नागराज ने की. उन्होंने बेंगलुरु में अपने नेतृत्व में कन्नड़ समर्थक संगठनों की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के विरोध में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई.
13 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर्नाटक बंद रहेगा- वताल नागराज
कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वताल नागराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि 13 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर्नाटक बंद रहेगा. उन्होंने लोगों से इस बंद में सहयोग और समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर बेलगावी से चामराजनगर तक कर्नाटक बंद को पूरी तरह सफल बनाएं. उन्होंने उन सभी राजनीतिक दलों की भी आलोचना की जो कावेरी आदेश का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं.
बेंगलुरु हवाई अड्डा ब्लॉक करने की चेतावनी
वताल नागराज ने कहा कि हमारे कर्नाटक बंद के आह्वान को कर्नाटक भर के 1,600 से ज्यादा कन्नड़ संगठनों और 1,000 से ज्यादा किसान, सामाजिक समेत अन्य संगठनों का समर्थन मिला है. कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स और कई अन्य संघों ने भी कावेरी जल मुद्दे पर कर्नाटक बंद का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि हमारी अंतिम मांग केवल एक है कि किसी भी कीमत पर तमिलनाडु को कावेरी का पानी नहीं छोड़ा जाना चाहिए. 3 अगस्त को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बेंगलुरु आ रहे हैं. अगर वे कावेरी जल की मांग करने आते हैं, तो हम उनके दौरे का विरोध करेंगे और बेंगलुरु हवाई अड्डे को ब्लॉक कर देंगे.
Uttara Kannada, Karnataka: Pro-Kannada activists led by Praveen Shetty, president of a faction of the Karnataka Rakshana Vedike, staged a protest outside the Deputy Commissioner’s Office in Karwar, demanding that the Karnataka government not release Cauvery water to Tamil Nadu.… pic.twitter.com/v0rPATqjWG
— IANS (@ians_india) July 30, 2026
कर्नाटक में सिंचाई जरूरतों के लिए पानी की कमी
कर्नाटक रक्षण वेदिके के एक गुट के अध्यक्ष प्रवीण शेट्टी की अगुवाई में कन्नड़-समर्थक कार्यकर्ताओं ने कारवार में डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने मांग की कि कर्नाटक सरकार तमिलनाडु को कावेरी का पानी न दे. खाली पानी के बर्तन लिए और बांह पर काली पट्टी बांधे हुए, उन्होंने कर्नाटक में पीने के पानी की भारी कमी और सिंचाई की जरूरतों का हवाला दिया. उन्होंने सरकार से राज्य के पानी के जायज हिस्से की रक्षा करने की अपील की और चेतावनी दी कि अगर पानी छोड़ा गया तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा.
सूखा झेल रहे किसानों को फसलें बर्बाद होने का खतरा
किसान संगठनों ने आज सुबह बांध पर विरोध प्रदर्शन किया. किसानों ने कहा कि तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने से सूखे की मार झेल रहे कर्नाटक के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलेगा. अल नीनो के असर से पहले ही किसान खरीफ फसलों की बुवाई संकट से जूझ रहे हैं. किसानों का तर्क है कि कर्नाटक खुद पानी की कमी का सामना कर रहा है और पानी छोड़ने से राज्य के किसानों पर बुरा असर पड़ेगा.
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश पर बवाल
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) की उस सिफारिश को बरकरार रखा है, जिसमें तमिलनाडु को 15 दिनों तक रोजाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया था. ऐसे में कर्नाटक के सामाजिक और किसान संगठन विरोध कर रहे हैं.