मध्य प्रदेश के 6.5 लाख किसानों को बड़ी सौगात, अब धान पर भी मिलेगा भावांतर योजना का फायदा

Dhan Bhavantar Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने धान उत्पादक किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है. अब धान की फसल को भी भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा. अगर किसानों को बाजार में MSP से कम दाम मिलता है, तो सरकार अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजेगी. इससे करीब 6.5 लाख किसानों को फायदा होगा.

नोएडा | Published: 2 Jul, 2026 | 02:01 PM

MP Bhavantar Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने धान उत्पादक किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य के धान किसानों को भी भावांतर भुगतान योजना का लाभ मिलेगा. यानी अगर किसान को बाजार में धान बेचने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत मिलती है, तो दोनों के बीच का अंतर सरकार सीधे उसके बैंक खाते में भेजेगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय धान महोत्सव के दौरान इस योजना की घोषणा की. सरकार का दावा है कि इस फैसले से प्रदेश के करीब 6.5 लाख धान उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.

सिवनी के धान महोत्सव में हुआ बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सिवनी पहुंचे, जहां राज्य स्तरीय धान महोत्सव का आयोजन किया गया था. इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उनका कहना था कि जब किसान मजबूत होगा, तभी प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी.

मुख्यमंत्री ने महाकौशल क्षेत्र की भी सराहना करते हुए कहा कि यह इलाका धान उत्पादन के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है. उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र की प्रसिद्ध छत्रीय धान को जीआई टैग मिल चुका है, जो यहां की पारंपरिक खेती को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा.

क्या है भावांतर योजना?

भावांतर योजना का मकसद किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाना है. अगर बाजार में फसल की कीमत MSP से कम रहती है, तो सरकार उस अंतर की राशि सीधे किसान के खाते में भेज देती है. अब तक मध्य प्रदेश में इस योजना का लाभ सोयाबीन और सरसों उत्पादक किसानों को मिल रहा था. अब सरकार ने धान को भी इस योजना में शामिल कर दिया है. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में नुकसान की चिंता कम होगी.

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को अपनी धान बेचने के लिए सिर्फ सरकारी खरीदी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वे अपनी सुविधा के अनुसार कहीं भी फसल बेच सकेंगे. अगर बाजार भाव MSP से कम रहेगा, तो सरकार तय नियमों के अनुसार अंतर की राशि सीधे बैंक खाते में जमा कर देगी. इससे किसानों को फसल बेचने की आजादी भी मिलेगी और उचित दाम भी सुनिश्चित होगा.

धान खरीदी में आएगी पारदर्शिता

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से धान खरीदी की प्रक्रिया पहले से आसान और पारदर्शी होगी. अभी तक सरकारी खरीदी के दौरान गोदाम, बारदाना, परिवहन और भंडारण जैसी कई व्यवस्थाएं करनी पड़ती थीं. इसके अलावा खरीदी केंद्रों पर गड़बड़ियों और घटिया धान की शिकायतें भी सामने आती थीं. भावांतर योजना लागू होने के बाद इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है. साथ ही सरकार पर खरीदी और भंडारण का अतिरिक्त बोझ भी कम होगा.

इस साल बढ़ सकती है धान खरीदी

पिछले साल मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 51 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था. अब धान को भावांतर योजना में शामिल किए जाने के बाद सरकार को उम्मीद है कि इस साल और अधिक किसान अपनी फसल बेचने के लिए आगे आएंगे. सरकार का मानना है कि इससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और राज्य में धान उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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