MP कैबिनेट ने खोला 30,055 करोड़ का पिटारा.. किसान, मजदूर, महिलाएं और कर्मचारी सबके लिए खुशखबरी

MP Cabinet Decisions 2026: मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और लोगों की भलाई के लिए 30,055 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं को मंजूरी दी गई है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा किसानों और गरीब वर्ग के लिए रखा गया है. किसानों को फसल नुकसान से बचाने के लिए फसल बीमा योजना जारी रखी गई है.

नोएडा | Published: 20 May, 2026 | 07:31 PM

MP Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में राज्य के विकास और जनता की भलाई के लिए कई बड़े फैसले लिए गए. इस बैठक में 30,055 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं को मंजूरी दी गई. इन फैसलों का फायदा किसानों, सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूरों को मिलेगा. सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से लोगों की जिंदगी बेहतर होगी और राज्य के विकास को तेजी मिलेगी.

30 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट ने अलग-अलग योजनाओं के लिए बड़ी रकम मंजूर की है, जो आम लोगों के लिए सीधे फायदेमंद होंगी:

इन सभी योजनाओं का मकसद राज्य में किसानों की सुरक्षा, लोगों को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना है.

स्थानांतरण नीति 2026 को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने 2026 की तबादला नीति को मंजूरी दे दी है. इसके तहत 1 जून से 15 जून 2026 तक तबादलों पर लगी रोक कुछ नियमों के साथ हटा दी जाएगी. सरकार ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया साफ और सही तरीके से होगी. पति-पत्नी वाले मामलों और गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को पहले मौका दिया जाएगा. वहीं तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिले के अंदर तबादले प्रभारी मंत्री की मंजूरी से किए जाएंगे.

किसानों के लिए बड़ा फैसला: फसल बीमा योजना जारी

कृषि क्षेत्र को राहत देते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का फैसला लिया है.

इस योजना के तहत:

यह फैसला किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सामाजिक सुरक्षा को मिली मजबूती

सरकार ने फैसला लिया है कि बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांग लोगों को मिलने वाली पेंशन योजना अगले 5 साल तक जारी रहेगी.

इस योजना का मकसद कमजोर और जरूरतमंद लोगों को हर महीने आर्थिक सहारा देना है, ताकि उनकी जिंदगी थोड़ी आसान हो सके.

ग्रामीण विकास और जल आपूर्ति पर जोर

सरकार ने सिवनी और देवास जिलों में पानी की नई योजनाओं को मंजूरी दी है. इन योजनाओं के तहत गांव-गांव में घरों तक नल से पानी पहुंचाने और जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने पर काम किया जाएगा.

इसके साथ ही महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाएं भी आगे बढ़ाई जाएंगी. इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन, POCSO पीड़ितों की मदद और शौर्य दल जैसी योजनाएं शामिल हैं. इसका मकसद महिलाओं और बच्चों को तुरंत मदद और सुरक्षा देना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर सहायता मिल सके.

सुशासन और सेवा व्यवस्था में सुधार

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सरकार ने 360 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इसका मकसद है कि लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर और बिना किसी परेशानी के मिल सकें. सरकार चाहती है कि कामकाज में पारदर्शिता आए और लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. इस कदम को मध्यप्रदेश को बेहतर शासन (सुशासन) वाला राज्य बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

श्रमिक कल्याण और नीति संस्थान को बढ़ावा

श्रमिक कल्याण योजनाओं के लिए 1,779.07 करोड़ रुपये और सुशासन संस्थान के लिए 373.38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इन दोनों आवंटनों से रोजगार सुरक्षा, शोध कार्यों और नीति निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है.

कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार का ध्यान किसान, गरीब, महिलाएं, कर्मचारी और गांवों के विकास पर ज्यादा है. 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की इन योजनाओं से राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी और लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने पर जोर रहेगा.

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