वेजीटेबल प्लांट बेचकर 3.5 लाख रुपये मुनाफा कमा रहे 25 साल के निखिल, हर माह 8 लाख पौधों की सेल
निखिल कुशवाह ने बताया कि साल 2018 में उन्होंने अपने खेत में मात्र 2,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में पॉलीहाउस नर्सरी की शुरुआत की थी. शुरुआत में उन्हें पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और स्वयं कुएं की खुदाई कर सिंचाई की व्यवस्था की. आज उनकी 8 एकड़ भूमि पूरी तरह सिंचित है.
भोपाल जिले के छोटे से गांव रतुआ रतनपुर के किसान हेमंत कुशवाह और निखिल कुशवाह आज प्रदेश भर के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं. सीमित संसाधनों के साथ केवल 10 हजार पौधों से नर्सरी की शुरुआत करने वाले इन भाइयों ने अपनी मेहनत, लगन और नवाचार के बल पर हर महीने लगभग 15 लाख पौधों का उत्पादन करने वाली आधुनिक नर्सरी स्थापित कर ली है और हर महीने लगभग 8 लाख पौधों की बिक्री करते हैं. उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि आसपास के 15 ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है.
निखिल कुशवाहा ने किसान इंडिया को बताया कि साल 2017-18 में मध्यप्रदेश शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में आने के बाद उन्होंने विभाग की ओर से आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लिया. इन प्रशिक्षणों से उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों, नर्सरी प्रबंधन और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों की जानकारी मिली. साल 2024 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की एमआईडीएच (MIDH) योजना के अंतर्गत लगभग 45 लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी जय नर्सरी प्लांट का विस्तार किया. आज उनकी नर्सरी लगभग 2 एकड़ क्षेत्रफल में संचालित हो रही है, जहां 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में दो पॉलीहाउस लगाए गए हैं.
अपने खेत से की शुरुआत की और 8 एकड़ में फैली नर्सरी
निखिल कुशवाह ने बताया कि साल 2018 में उन्होंने अपने खेत में मात्र 2,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में पॉलीहाउस नर्सरी की शुरुआत की थी. प्रारंभिक दौर में उन्हें पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने स्वयं कुएं की खुदाई कर और धीरे-धीरे अपने कार्य का विस्तार करते गए. आज उनकी 8 एकड़ भूमि पूरी तरह सिंचित है.
निखिल कुशवाह अपने भाई हेमंत कुशवाह और उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ.
सब्जी के साथ फूलों के पौधे भी तैयार
वर्तमान में उनकी नर्सरी में गुलाब, जरबेरा, गेंदा एवं नौरंगा जैसे फूलों की पौध के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जाती है. इसके अलावा वे वर्तमान में बैंगन, टमाटर, मिर्च, गिलकी, लौकी और खीरा जैसी सब्जियों के हाईब्रिड पौध तैयार कर रहे हैं. साथ ही सेमिनिस, फेजेंटा और अंकुर बीएनआर जैसी उन्नत किस्मों की पौध प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं. ये पौधे न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एवं राजस्थान के किसानों तक भी पहुंच रहे हैं.
हर महीने 3.5 लाख रुपये का मुनाफा
निखिल कुशवाह ने बताया कि ऑर्डर पर पौधे तैयार किए जाते हैं. उनके यहां सब्जी और फूलों के साथ ही औषधि पौधों को भी ऑर्डर मिलने पर तैयार किया जाता है. इन पौधों के बीज वह भोपाल से खरीदते हैं. हर महीने वह अपनी नर्सरी से लगभग 8 लाख पौधों की बिक्री करते हैं. एक पौधा वैरायटी के हिसाब से 1.20 रुपये से 10 रुपये कीमत का होता है. उन्होंने बताया कि वह हर महीने 3.5 लाख रुपये मुनाफा हासिल कर पा रहे हैं. उनके यहां 15 लोगों को रोजगार भी दिया गया है.