पेट्रोल-डीजल फिर महंगा! लगातार चौथी बार बढ़े दाम… जानिए आपके शहर में क्या हैं नए रेट
सोमवार सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं. लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबार और उद्योग जगत तक सभी की चिंता बढ़ा दी है.
petrol diesel price hike: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा इजाफा हुआ है. सोमवार सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं. लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबार और उद्योग जगत तक सभी की चिंता बढ़ा दी है.
नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है. देश के दूसरे बड़े शहरों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़े हैं.
देश के बड़े शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के नए रेट
दिल्ली में पेट्रोल 2.61 रुपये महंगा होकर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. वहीं डीजल 2.71 रुपये बढ़ने के बाद 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
कोलकाता में पेट्रोल के दाम 2.86 रुपये बढ़कर 113.47 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. डीजल भी 2.80 रुपये महंगा होकर 99.82 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.
मुंबई में पेट्रोल अब 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जो पहले से 2.76 रुपये ज्यादा है. वहीं डीजल 2.81 रुपये बढ़कर 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
चेन्नई में पेट्रोल 2.46 रुपये महंगा होकर 107.77 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. डीजल के दाम भी 2.57 रुपये बढ़े हैं और अब इसकी कीमत 99.55 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
बेंगलुरु में पेट्रोल 110.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 98.54 रुपये प्रति लीटर हो गया है. यहां पेट्रोल 2.52 रुपये और डीजल 2.55 रुपये महंगा हुआ है.
नोएडा में पेट्रोल की कीमत 101.92 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 95.37 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. यहां पेट्रोल 2.41 रुपये और डीजल 2.53 रुपये महंगा हुआ है.
गुरुग्राम में पेट्रोल 102.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर हो गया है. यहां पेट्रोल 2.53 रुपये और डीजल 2.63 रुपये बढ़ा है.
चंडीगढ़ में पेट्रोल 101.54 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. यहां पेट्रोल 2.59 रुपये और डीजल 2.53 रुपये महंगा हुआ है.
लखनऊ में पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर हो गया है. यहां पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.72 रुपये महंगा हुआ है.
पटना में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है. यहां पेट्रोल 3.07 रुपये महंगा होकर 113.54 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 3.01 रुपये बढ़कर 99.54 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
पश्चिम एशिया संकट का सीधा असर
इस समय मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया के तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है. ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं.
सरकारी तेल कंपनी ONGC की निदेशक सुषमा रावत ने बताया कि जब भी युद्धविराम या शांति समझौते की खबर आती है, कच्चे तेल की कीमतें कुछ नीचे आती हैं. लेकिन जैसे ही तनाव बढ़ने की आशंका होती है, तेल फिर महंगा हो जाता है. इस समय वैश्विक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
65 डॉलर से 115 डॉलर तक पहुंचा कच्चा तेल
विशेषज्ञों के मुताबिक युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत करीब 65 से 70 डॉलर प्रति बैरल थी. लेकिन अब यह बढ़कर 110 से 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है जो अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदते हैं.
भारत करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी घरेलू बाजार में बड़ा असर डालती है. तेल कंपनियों को अब ज्यादा कीमत देकर तेल खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनका खर्च तेजी से बढ़ गया है.
तेल कंपनियों पर बढ़ा भारी दबाव
ANI के अनुसार, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के पूर्व मार्केटिंग निदेशक सुखमल कुमार जैन ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां लगातार भारी वित्तीय दबाव में काम कर रही हैं. कंपनियों की लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन कीमतें लंबे समय तक स्थिर रखने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा.
बताया जा रहा है कि सरकार ने करीब 76 दिनों तक लोगों को राहत देने के लिए कीमतें नहीं बढ़ाईं. इस दौरान तेल कंपनियों को हर दिन लगभग 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा था. अब कंपनियां धीरे-धीरे उस नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही हैं.
रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई परेशानी
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी तेल कंपनियों की मुश्किल बढ़ा दी है. क्योंकि भारत तेल का भुगतान डॉलर में करता है, इसलिए रुपया कमजोर होने पर आयात और महंगा हो जाता है. इसका असर सीधे पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दिखाई देता है. यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों में बार-बार ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं.
आम लोगों की जेब पर बढ़ा बोझ
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब हर क्षेत्र में दिखाई देने लगा है. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, दूध, राशन और रोजमर्रा के सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं. टैक्सी, ऑटो और बस किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका है.
गर्मी के इस मौसम में पहले ही कई राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. बिजली खर्च, पानी की कमी और महंगाई से लोग परेशान हैं. अब पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने आम आदमी का बजट और बिगाड़ दिया है.