सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, एमपी के किसान इजराइल-ब्राजील जाकर सीखेंगे आधुनिक खेती के गुर

कृषि वर्ष 2026 का मतलब है नई तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और मजबूत बाजार से जुड़ाव. सरकार को उम्मीद है कि विदेशों से सीखी गई तकनीक और स्थानीय नवाचारों के जरिए मध्य प्रदेश के किसान कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे और उनकी आय में ठोस बढ़ोतरी होगी.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 5 Jan, 2026 | 07:33 AM

MP Agriculture Year 2026: मध्य प्रदेश में साल 2026 को किसानों के लिए खास बनाने की तैयारी है. राज्य सरकार ने पूरे वर्ष को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य साफ है किसानों की आमदनी बढ़ाना, खेती को आधुनिक बनाना और प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना. मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने किसानों को देश ही नहीं, बल्कि इजराइल और ब्राजील जैसे विकसित कृषि देशों की यात्रा पर भेजने का निर्णय लिया है.

क्यों जरूरी है कृषि वर्ष 2026

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में खेती आज भी लाखों परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार की चुनौतियों के कारण किसानों की परेशानी बढ़ी है. सरकार का मानना है कि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए नई सोच और आधुनिक तकनीक जरूरी है. इसी सोच के तहत 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है, ताकि पूरे साल योजनाओं और नवाचारों का फोकस किसान पर बना रहे.

इजराइल और ब्राजील क्यों चुने गए

इजराइल कम पानी में अधिक उत्पादन, ड्रिप इरीगेशन और संरक्षित खेती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. वहीं ब्राजील बड़े स्तर पर मशीनी खेती, उन्नत बीज और निर्यात आधारित कृषि मॉडल का सफल उदाहरण है. इन देशों की यात्रा से मध्य प्रदेश के किसानों को यह समझने का मौका मिलेगा कि सीमित संसाधनों में भी खेती को कैसे ज्यादा लाभकारी बनाया जा सकता है.

किसानों के प्रशिक्षण और तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसानों को सिर्फ अनुदान नहीं, बल्कि ज्ञान और तकनीक की जरूरत है. सरकार खेती के यंत्रीकरण, आधुनिक उपकरणों, नई किस्मों और वैज्ञानिक तरीकों को तेजी से बढ़ावा दे रही है. प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रमों के जरिए किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपने खेतों में नए प्रयोग कर सकें.

आय बढ़ाने की बहुआयामी रणनीति

सरकार की योजना केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है. सस्ती ब्याज दरों पर कृषि ऋण, माइक्रो सिंचाई योजनाएं, बेहतर बाजार व्यवस्था और उपज का सही मूल्य दिलाने पर भी काम किया जा रहा है. इसके साथ पशुपालन, मछली पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर दिए जा रहे हैं.

फूलों की खेती और नए अवसर

फूलों की खेती को भी सरकार खास महत्व दे रही है. भोपाल में होने वाला गुलाब महोत्सव अब पूरे प्रदेश के पुष्प उत्पादकों को जोड़ने वाला मंच बनेगा. सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में बड़े पैमाने पर फूलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को स्थायी बाजार मिलेगा.

किसानों के लिए क्या बदलेगा

कृषि वर्ष 2026 का मतलब है नई तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और मजबूत बाजार से जुड़ाव. सरकार को उम्मीद है कि विदेशों से सीखी गई तकनीक और स्थानीय नवाचारों के जरिए मध्य प्रदेश के किसान कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे और उनकी आय में ठोस बढ़ोतरी होगी.

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