किसानों के लिए खुशखबरी! फसल बीमा के लिए नहीं काटने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर, मिलेगा मुआवजा
PM Fasal Bima Yojana: राजस्थान सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना के नियमों को सरल बना दिया है. अब मृत किसान के परिवार को बीमा राशि पाने के लिए कोर्ट की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. नॉमिनी होने पर पैसा सीधे खाते में जाएगा, जबकि अन्य मामलों में वारिसनामा और परिवार की सहमति के आधार पर भी क्लेम मिल सकेगा.
Rajasthan Fasal Bima: राजस्थान सरकार ने किसानों और उनके परिवारों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब किसी बीमित किसान की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बीमा क्लेम लेने के लिए लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. सरकार का मानना है कि नए नियमों से प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी और बीमा राशि पाने में होने वाली देरी भी कम होगी.
पहले क्या थी परेशानी?
अब तक यदि किसी बीमित किसान की मृत्यु हो जाती थी, तो उसके परिवार को फसल बीमा की राशि प्राप्त करने के लिए कोर्ट से उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) लाना अनिवार्य था. यह प्रक्रिया काफी समय लेने वाली और खर्चीली मानी जाती थी. ग्रामीण क्षेत्रों के कई परिवारों के लिए अदालतों के चक्कर लगाना आसान नहीं होता था. नतीजतन, बड़ी संख्या में किसान परिवार बीमा राशि के लिए आवेदन ही नहीं कर पाते थे या उनके दावे लंबे समय तक लंबित रहते थे.
नॉमिनी को सीधे मिलेगी बीमा राशि
राज्य सरकार ने अब इस नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अगर किसान ने फसल बीमा करवाते समय किसी व्यक्ति को नॉमिनी (नामित सदस्य) बनाया है, तो किसान की मृत्यु के बाद बीमा की पूरी राशि सीधे उसी नॉमिनी के खाते में भेज दी जाएगी. इस फैसले से परिवारों को कोर्ट या अन्य जटिल प्रक्रियाओं में समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा और उन्हें जल्द आर्थिक मदद मिल सकेगी.
- उत्तर प्रदेश में फसल बचाने के लिए छुट्टा पशुओं पर सख्ती की तैयारी, कृषि मंत्री शाही ने दिए बड़े संकेत
- बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, कृषि और पशु उत्पादों के निर्यात से हटेगा प्रतिबंध.. किसानों को होगा फायदा
- फसल नुकसान पर अब सरकार दे रही सीधे पैसा, इस तारीख से पहले कर लें आवेदन तो हाथ से निकल जाएगा मौका!
सरकार ने उन मामलों के लिए भी व्यवस्था की है, जहां किसान ने किसी नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं कराया है. ऐसी स्थिति में परिवार कोर्ट से प्राप्त उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र या फिर तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा जारी वारिसनामे के आधार पर बीमा राशि प्राप्त कर सकेगा.
50 रुपये के स्टाम्प पेपर से होगा काम
नए नियमों के तहत परिवार के सभी सदस्य आपसी सहमति से किसी एक व्यक्ति को बीमा राशि प्राप्त करने के लिए अधिकृत कर सकते हैं. इसके लिए केवल 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देना होगा. परिवार के सभी सदस्यों की सहमति के बाद चुने गए सदस्य के बैंक खाते में बीमा क्लेम की राशि सीधे जमा कर दी जाएगी. इससे कागजी प्रक्रिया सरल और तेज हो जाएगी.
जरूरी दस्तावेज भी हुए कम
राजस्थान सरकार ने बीमा क्लेम के लिए मांगे जाने वाले दस्तावेजों की संख्या भी घटा दी है. अब मुख्य रूप से किसान का मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार की सहमति वाला शपथ पत्र, बैंक खाते की जानकारी या रद्द चेक तथा आधार कार्ड ही पर्याप्त होंगे. सरकार का कहना है कि कम दस्तावेजों के कारण आवेदन प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनेगी.
बीमा कंपनियों को दिए गए विशेष निर्देश
कृषि विभाग ने सभी बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि मृत किसानों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए. विभाग ने कहा है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.
सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. यही वजह है कि केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने भी राजस्थान की इस किसान हितैषी पहल की सराहना की है.