राजस्थान में खेती होगी हाईटेक, AI तकनीक से 95 लाख किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

राजस्थान में खेती को आधुनिक बनाने के लिए AI तकनीक की बड़ी शुरुआत हुई है. किसानों को डिजिटल सेवाएं, स्मार्ट सलाह और फसल प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी. नई तकनीक से खेती पारदर्शी बनेगी, नुकसान कम होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 25 May, 2026 | 08:47 PM

AI Farming: राजस्थान में खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ने किसानों तक स्मार्ट कृषि सेवाएं पहुंचाने और खेती को पारदर्शी बनाने के लिए नई AI तकनीकों को अपनाने की शुरुआत की है. इसी कड़ी में कृषि विभाग और वाधवानी AI फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है. इस पहल का मकसद किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनकी लागत कम करना और आय बढ़ाना है.

डिजिटल फार्मर आईडी से आसान होंगी सेवाएं

राज्य में बड़ी संख्या में किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी  तैयार की जा चुकी है. इस आईडी में किसान की जमीन, खसरा नंबर और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज रहेंगी. सरकार का मानना है कि इससे किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा. फार्मर आईडी के जरिए फसल बीमा, खाद वितरण और अन्य कृषि योजनाओं की निगरानी भी आसान होगी. इससे नकली लाभार्थियों और संसाधनों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

खेती में AI तकनीक निभाएगी अहम भूमिका

नई व्यवस्था के तहत खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  का उपयोग बढ़ाया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे किसानों को समय पर सही जानकारी और तकनीकी सहायता मिल सकेगी. खेतों में होने वाली समस्याओं की पहचान तेजी से होगी और समाधान भी तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा. ये तकनीक अगले कुछ वर्षों तक किसानों को मुफ्त तकनीकी सहायता देने में मदद करेगी. साथ ही कृषि विभाग के कामकाज को भी अधिक प्रभावी और तेज बनाया जाएगा.

चैटबॉट और फोटो से मिलेगा फसल समाधान

किसानों के लिए एक स्मार्ट चैटबॉट तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिए वे अपनी भाषा में सवाल पूछ सकेंगे. किसान मोबाइल पर वॉइस या मैसेज के जरिए खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. इसके अलावा नई तकनीक की मदद से किसान फसल की फोटो भेजकर कीट और बीमारियों  की पहचान कर सकेंगे. इससे समय रहते उपचार संभव होगा और फसल खराब होने का खतरा कम रहेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी.

मंडी से पहले ही पता चलेगी फसल की गुणवत्ता

नई तकनीक के तहत किसान स्मार्टफोन की मदद से अपनी उपज की गुणवत्ता की जांच भी कर सकेंगे. इससे मंडी पहुंचने से पहले ही उन्हें फसल की ग्रेडिंग और गुणवत्ता की जानकारी मिल जाएगी. इसका फायदा यह होगा कि किसान अपनी उपज का बेहतर दाम हासिल कर पाएंगे. इसके साथ ही कृषि गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक स्तर पर फैसले लेने में आसानी होगी. विशेषज्ञों के अनुसार, AI आधारित यह पहल आने वाले समय में राजस्थान की खेती को पूरी तरह बदल सकती है. इससे किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और पारदर्शी सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा.

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Published: 25 May, 2026 | 08:47 PM

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