अल नीनो से निपटने के लिए वैकल्पिक फसलें अपनाने की सलाह, लागत घटाने की कोशिश में सरकार

अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर कंटीजेंसी प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं. सरकार किसानों को वैकल्पिक फसलें अपनाने, जलवायु अनुकूल खेती करने और मौसम के अनुसार फसल चयन के लिए जागरूक करेगी, ताकि खरीफ सीजन में फसलों और किसानों की आय पर असर कम हो.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 10 Jul, 2026 | 06:38 PM

Telangana Paddy Farmers: तेलंगाना के सिंचाई और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार मानसून पर अल नीनो का असर पड़ सकता है, इसलिए सभी विभागों को सतर्क रहना होगा. समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि तेलंगाना भी अल नीनो के प्रभाव से पूरी तरह अछूता नहीं रहेगा. उन्होंने सिंचाई, कृषि और मौसम विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और किसानों की फसलों व आजीविका की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रख रही है. हालांकि, उन्होंने किसानों से घबराने की जरूरत नहीं बताई और कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने व्यापक आकस्मिक (कंटीजेंसी) योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अल नीनो के संभावित असर  को देखते हुए राज्य और जिला स्तर पर अलग-अलग आकस्मिक (कंटीजेंसी) योजनाएं तैयार की जाएं. इन योजनाओं में संभावित बारिश, भूजल की उपलब्धता, जलाशयों में पानी का स्तर, सिंचाई की क्षमता और स्थानीय फसल पैटर्न को ध्यान में रखा जाए.

कम सिंचाई वाली फसलों की खेती करने की सलाह

मंत्री ने जिला कलेक्टरों और सिंचाई, कृषि व बागवानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस भी की. उन्होंने सभी जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पहले से तैयारी करने और फील्ड स्तर पर लगातार आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए. इसके अलावा, मंत्री ने किसानों को सलाह दी कि जहां पानी की उपलब्धता अनिश्चित है, वहां केवल अधिक पानी वाली पारंपरिक फसलों  पर निर्भर न रहें. उन्होंने किसानों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसलों का चयन करने की अपील की, ताकि मौसम की अनिश्चितता का असर कम हो सके.

जलवायु के अनुकूल खेती करें किसान

सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बारिश और उपलब्ध सिंचाई संसाधनों को देखते हुए किसानों को उपयुक्त वैकल्पिक फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. उन्होंने कहा कि किसानों को सही फसल चुनने और जलवायु के अनुकूल खेती  के बारे में जागरूक करने के लिए ग्राम सभाओं, रायथु वेदिकाओं (Rythu Vedikas) और कृषि विस्तार कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया जाए. इस समीक्षा बैठक में आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू, कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव और मुख्य सचिव संजय जाजू भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए.

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Published: 10 Jul, 2026 | 06:37 PM

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