धान खरीद से पहले पंजाब के गोदाम होंगे खाली, केंद्र 30 सितंबर तक उठाएगा 18 लाख टन पुराना अनाज

Paddy Procurement: पंजाब में नई धान खरीद से पहले भंडारण की जगह खाली कराने की तैयारी तेज हो गई है. केंद्र सरकार 30 सितंबर तक राज्य से 18 लाख मीट्रिक टन पुराना अनाज स्टॉक उठाएगी. इसके अलावा पंजाब ने 27 लाख टन गेहूं को भी दूसरे राज्यों में भेजने की मांग की है.

नोएडा | Published: 9 Aug, 2026 | 08:18 AM

Punjab Paddy Procurement 2026: पंजाब में खरीफ सीजन की नई धान खरीद शुरू होने से पहले अनाज भंडारण की बड़ी समस्या को दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार 30 सितंबर तक पंजाब के गोदामों से करीब 18 लाख मीट्रिक टन पुराने अनाज का स्टॉक उठाएगी. नई धान खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होनी है. ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती गोदामों में पर्याप्त जगह खाली कराने की है, ताकि किसानों से आने वाली नई फसल को आसानी से रखा जा सके.

30 सितंबर तक हटेगा 18 लाख टन पुराना स्टॉक

मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुताबिक, पंजाब सरकार लंबे समय से केंद्र से पुराने अनाज का स्टॉक जल्द हटाने की मांग कर रही थी. अब 18 लाख मीट्रिक टन अनाज को गोदामों से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. केंद्र ने भरोसा दिया है कि, बाकी स्टॉक को भी 30 सितंबर तक हटा दिया जाएगा. इससे अक्टूबर में शुरू होने वाली धान खरीद के लिए जरूरी भंडारण जगह उपलब्ध हो सकेगी. मान ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को मंडियों में अपनी धान की फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें समय पर भुगतान भी मिल सके.

FCI को जल्द पहुंचाया जाएगा बचा हुआ चावल

बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के बचे हुए चावल को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के केंद्रीय पूल में जल्द पहुंचाने की मांग भी रखी. पंजाब की राज्य खरीद एजेंसियां अब तक करीब 86 लाख मीट्रिक टन चावल FCI को दे चुकी हैं. हालांकि, FCI के पास भंडारण की जगह सीमित होने के कारण बाकी चावल की डिलीवरी में परेशानी आ रही है. 18 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त जगह खाली होने के बाद इस बचे हुए चावल को FCI तक पहुंचाने में तेजी आने की उम्मीद है. इससे चावल मिलर्स को भी आगामी सीजन के लिए काम करने में आसानी होगी.

180 लाख टन धान खरीद का अनुमान

पंजाब सरकार को इस साल भी धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद है. राज्य में खरीफ सीजन 2026 के दौरान करीब 180 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का अनुमान लगाया गया है. इसके अलावा पंजाब से करीब 170 लाख मीट्रिक टन अच्छी क्वालिटी वाले चावल की आपूर्ति होने की उम्मीद है. ऐसे में समय पर गोदाम खाली होना और खरीद व्यवस्था का सुचारु रहना बेहद जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त भंडारण व्यवस्था सिर्फ किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है.

27 लाख टन गेहूं भी हटाने की मांग

भगवंत मान ने केंद्र के सामने पंजाब में पड़े करीब 27 लाख मीट्रिक टन गेहूं को भी दूसरे राज्यों में भेजने की मांग रखी. यह गेहूं केंद्र की योजनाओं के तहत दूसरे राज्यों में भेजा जाना है. अगर इस गेहूं को समय पर पंजाब से बाहर भेज दिया जाता है, तो राज्य की राइस मिलों और मंडी यार्ड में अतिरिक्त जगह खाली होगी. इससे नई धान की आवक के समय भंडारण की समस्या कम करने में मदद मिलेगी.

कुल मिलाकर, पंजाब सरकार नई धान खरीद से पहले पुराने अनाज और गेहूं का स्टॉक हटाकर पर्याप्त जगह बनाने पर जोर दे रही है. इससे किसानों की फसल की खरीद समय पर शुरू करने और भुगतान में किसी तरह की देरी से बचने में मदद मिलने की उम्मीद है.

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