पंजाब सरकार का बड़ा फैसला! अब एक साथ मिलेगा 4 महीने का राशन.. इस वजह से लिया फैसला

पंजाब सरकार ने मॉनसून के दौरान भंडारण और परिवहन की दिक्कतों को देखते हुए NFSA लाभार्थियों को इस बार चार महीने का मुफ्त गेहूं एक साथ देने का फैसला किया है. प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 20 किलो गेहूं मिलेगा, जिसमें अक्टूबर का 5 किलो अग्रिम कोटा शामिल है. हालांकि, इससे राशन डीलरों का काम बढ़ गया है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 28 Jul, 2026 | 01:41 PM

पंजाब सरकार ने मॉनसून के दौरान भंडारण और परिवहन से जुड़ी दिक्कतों को देखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों को इस बार तीन महीने की जगह चार महीने का मुफ्त गेहूं देने का फैसला किया है. जुलाई से सितंबर के विशेष वितरण चक्र के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामान्य 15 किलो की बजाय 20 किलो गेहूं मिलेगा. इसमें अतिरिक्त 5 किलो गेहूं अक्टूबर का अग्रिम कोटा है. अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था केवल मौजूदा वितरण चक्र के लिए लागू की गई है. फिलहाल इसे आगे भी जारी रखने का कोई फैसला नहीं लिया गया है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में चार महीने का मुफ्त गेहूं  एक साथ देने का फैसला केंद्र सरकार के निर्देश के बाद लिया गया है. केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 3 जुलाई को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अक्टूबर तक आवंटित खाद्यान्न को मॉनसून से पहले ही उठा लिया जाए.

गेहूं रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है

मंत्रालय ने अपने निर्देश में कहा था कि बारिश के मौसम में भंडारण और परिवहन में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. साथ ही, भारतीय खाद्य निगम (FCI) को अपने गोदामों में पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध रखने और राज्यों के साथ समन्वय कर समय से पहले खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. पंजाब में सरकारी गोदाम पहले से ही धान की खरीद के बाद भरे हुए हैं, जिससे गेहूं रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे में गेहूं को लंबे समय तक गोदामों में रखने के बजाय लाभार्थियों में बांटना ज्यादा बेहतर है, ताकि खराब होने का खतरा न रहे.

चार महीने का गेहूं दिया जा रहा है

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पंजाब में पहली बार लाभार्थियों को एक ही वितरण चक्र में चार महीने का गेहूं दिया जा रहा है. इससे पहले 2014 से 2022 तक एक साथ छह महीने का राशन दिया जाता था. हालांकि, 2023 से व्यवस्था बदल दी गई और तब से एक बार में तीन महीने का राशन ही वितरित किया जा रहा था.

पंजाब के राशन डीलरों का काम भी बढ़ गया है

चार महीने का गेहूं एक साथ बांटने की व्यवस्था से पंजाब के राशन डीलरों  का काम भी बढ़ गया है. अब हर लाभार्थी के लिए पांच पर्चियां (स्लिप) निकालनी पड़ रही हैं. इनमें चार स्लिप हर महीने के राशन के लिए और एक राशन किट के लिए जारी की जाती है. ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के पंजाब अध्यक्ष करमजीत सिंह अरेच्छा ने कहा है कि पहले हर लाभार्थी के लिए सिर्फ एक स्लिप निकालनी पड़ती थी, लेकिन अब पांच स्लिप जारी करनी पड़ रही हैं. इससे राशन वितरण की रफ्तार धीमी हो गई है. यदि किसी एक स्लिप के दौरान बायोमेट्रिक या तकनीकी समस्या आ जाए, तो पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ती है.

अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने हर महीने का अलग-अलग वितरण रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं. इसी वजह से हर महीने के लिए अलग स्लिप निकालना जरूरी है, जबकि पंजाब में राशन का वितरण तिमाही आधार (तीन महीने के चक्र) पर होता है. राज्य सरकार ने जून के पहले सप्ताह में इस मुद्दे पर केंद्र को पत्र भी लिखा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है.

 

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Published: 28 Jul, 2026 | 01:40 PM

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