कृषि और उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मशरूम प्लांट लगाने का झांसा देकर 21 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में सरैया पुलिस ने आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया है. मामले में रेवा निवासी प्रीति कुमारी ने सरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. एसपी- ग्रामीण राजेश सिंह प्रभाकर ने मीडिया को बताया कि मामले में साक्ष्य मिले हैं और पुलिस आगे की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि आरोपी सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को बैंकों से लोन दिलाकर उसे धोखाधड़ी करके हड़प लेता था. इसके अलावा नामजद आरोपी शिवानी कुमारी और उमेश चौधरी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.
मशरूम प्लांट का लोन हड़प गया आरोपी
शिकायतकर्ता प्रीति कुमारी के अनुसार वर्ष 2024 में आशुतोष मंगलम और शिवानी कुमारी उनके घर पहुंचे और मशरूम प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया. प्रस्ताव पर भरोसा करते हुए उन्होंने मशरूम उत्पादन और उपकरण के लिए 17 दिसंबर 2024 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से लोन लिया. शिकायत के अनुसार लोन की राशि में से 17.15 लाख रुपये शिवानी कुमारी की कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए. इसके अतिरिक्त एसबीआई खाते से 3.85 लाख रुपये और कुछ नकद राशि भी देने का दावा किया गया है.
प्लांट शुरू नहीं हुआ तो रकम वापस मांगी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राशि प्राप्त करने के बावजूद मशरूम प्लांट का निर्माण शुरू नहीं किया गया. काफी समय बीतने के बाद जब उन्होंने रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर शिवानी कुमारी की ओर से सेंट्रल बैंक को चार चेक दिए गए. इन चेकों की कुल राशि 19 लाख रुपये बताई गई है. शिकायतकर्ता प्रीति कुमारी के अनुसार उन्होंने 5 दिसंबर 2025 को चारों चेक सरैया स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जमा किए, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण सभी चेक बाउंस हो गए. इसके बाद भी भुगतान नहीं किए जाने का आरोप है.
वकालतन नोटिस के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
रकम वापस नहीं मिलने पर प्रीति कुमारी ने अधिवक्ता के माध्यम से 19 दिसंबर 2025 को वकालतन नोटिस भेजकर भुगतान की मांग की. शिकायत के अनुसार नोटिस के बावजूद रकम वापस नहीं की गई. इसके बाद उन्होंने सरैया थाने में एफआईआर दर्ज कराई. एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मशरूम प्लांट और कंपनी के नाम पर भरोसा दिलाकर राशि ली गई, लेकिन न तो प्रस्तावित प्लांट स्थापित किया गया और न ही पूरी रकम वापस की गई.

एसपी- ग्रामीण राजेश सिंह प्रभाकर ऊपर की (तस्वीर). आरोपी आशुतोष मंगलम (नीचे).
बैंक लेनदेन के साक्ष्य मिलने का पुलिस का दावा
एफआईआर दर्ज होने के बाद सरैया पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस के अनुसार जांच के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर किए जाने से संबंधित बैंक लेनदेन के साक्ष्य मिले. इसके बाद पुलिस ने बुधवार को काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के दामूचक से आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया. सरैया थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार के अनुसार गिरफ्तार आरोपित को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा. प्राथमिकी में नामजद शिवानी कुमारी और उमेश चौधरी की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है.
सरकारी योजनाओं के नाम पर लोन दिलाकर रकम हड़पा जात था
मुजफ्फरपुर के एसपी- ग्रामीण राजेश सिंह प्रभाकर ने मीडिया को बताया कि मामले में पुलिस जांच कर रही है. यह सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को बैंकों से लोन दिलाकर उसे धोखाधड़ी करके हड़पा जाता था. आरोपी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा आरोपी शिवानी कुमारी और उमेश चौधरी को भी नामजद किया गया है.