Gujarat Assembly: गांधीनगर में गुजरात विधानसभा ने दो अहम विधेयक पारित किए. इनमें से एक गुजरात गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कानून में संशोधन से जुड़ा है, जबकि दूसरे विधेयक का उद्देश्य पशुधन और पोल्ट्री फीड के उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री और गुणवत्ता नियंत्रण को विनियमित करना है. GST संशोधन से राज्य के नियमों को केंद्रीय GST व्यवस्था के अनुरूप किया जाएगा.
गुजरात GST कानून में बदलाव, केंद्र के नियमों से बनेगा तालमेल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात GST (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य गुजरात GST अधिनियम, 2017 और केंद्रीय GST व्यवस्था के बीच एकरूपता सुनिश्चित करना है. विधेयक के जरिए राज्य के GST प्रावधानों को केंद्रीय कानून में किए गए बदलावों के अनुरूप किया जाएगा. इससे संशोधित प्रावधानों को राज्य में समान रूप से लागू करने में मदद मिलेगी. विधेयक पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री कनु देसाई ने कहा कि संशोधन से क्रेडिट नोट से जुड़े प्रावधानों में अधिक स्पष्टता आएगी. इसके अलावा इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत रिफंड की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है.
निर्यात पर 1,000 रुपये की रिफंड सीमा खत्म होगी
GST संशोधन विधेयक में निर्यात से जुड़े रिफंड नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. मौजूदा व्यवस्था के तहत 1,000 रुपये से कम की राशि का रिफंड नहीं दिया जाता है. अब गुजरात GST अधिनियम की धारा 54 में संशोधन के जरिए इस न्यूनतम सीमा को हटाने का प्रावधान किया गया है. इस बदलाव के बाद ऐसे निर्यातित सामान पर, जिस पर टैक्स का भुगतान किया गया है, रिफंड का दावा 1,000 रुपये से कम होने पर भी किया जा सकेगा. यानी रिफंड के लिए अब न्यूनतम 1,000 रुपये की सीमा लागू नहीं रहेगी. सरकार का मानना है कि इससे छोटे रिफंड दावों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा और व्यवस्था अधिक स्पष्ट होगी.
पशु और पोल्ट्री फीड की गुणवत्ता पर कसेगा शिकंजा
गुजरात विधानसभा ने इसके साथ ही ‘गुजरात पशुधन आहार, कुक्कुट आहार एवं खनिज मिश्रण (उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री और गुणवत्ता नियंत्रण का विनियमन) विधेयक, 2026’ भी पारित किया. इस विधेयक का उद्देश्य पशुधन और पोल्ट्री के लिए इस्तेमाल होने वाले फीड तथा मिनरल मिक्सचर की व्यवस्था को नियंत्रित करना है. विधेयक के दायरे में फीड के उत्पादन से लेकर उसके भंडारण, वितरण और बिक्री तक की प्रक्रिया शामिल है. इसके साथ ही फीड की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने का भी प्रावधान किया गया है.
पशुपालन क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण को मिलेगा बढ़ावा
पशु और पोल्ट्री फीड से जुड़े नए कानून के जरिए राज्य में फीड की गुणवत्ता और उसकी आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने की कोशिश की गई है. उत्पादन से लेकर बिक्री तक पूरी प्रक्रिया को नियमन के दायरे में लाने से पशुपालकों और पोल्ट्री क्षेत्र से जुड़े लोगों को गुणवत्तापूर्ण फीड उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा. इस तरह विधानसभा से पारित दोनों विधेयक अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं. एक ओर GST कानून में बदलाव के जरिए केंद्रीय और राज्य कर व्यवस्था में तालमेल बढ़ाने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरे कानून के जरिए पशुधन और पोल्ट्री फीड के उत्पादन, बिक्री और गुणवत्ता नियंत्रण को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है.