रायसेन से उठेगी खेती‑किसानी में बदलाव की लहर, राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों को देगा उन्नत खेती का पूरा नक्शा

Rashtriya krashi Mela Madhya Pradesh: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रायसेन में 11 से 13 अप्रैल 2026 तक होने वाला राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों को “प्रयोगशाला से खेत तक” और “बीज से बाजार तक” की पूरी यात्रा के बारे में बताएगा. यह सिर्फ मेला नहीं, बल्कि तीन दिनों का ऐसा कृषि महाकुंभ है जो किसानों की तकदीर बदलने का सबसे बड़ा मौका है. 

नोएडा | Published: 3 Apr, 2026 | 04:58 PM

मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय कृषि मेला का आयोजन किया जा रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रायसेन से खेती‑किसानी में बदलाव की लहर उठेगी और एक ही जगह में खेती की नई तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार का पूरा समाधान किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि रायसेन-विदिशा–सीहोर सहित पूरे क्षेत्र के लिए कृषि रोडमैप बनेगा.  राष्ट्रीय कृषि मेला का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे, जबकि समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल होंगे.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल 2026 तक होने वाला राष्ट्रीय कृषि महोत्सव किसानों को “प्रयोगशाला से खेत तक” और “बीज से बाजार तक” की पूरी यात्रा के बारे में बताएगा. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं, बल्कि तीन दिनों का ऐसा कृषि महाकुंभ है जो किसानों की तकदीर बदलने का सबसे बड़ा मौका है.

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का उन्नत कृषि महोत्सव खेती‑किसानी का असली गेम चेंजर साबित होगा. दशहरा मैदान रायसेन में लगने वाले इस विशाल राष्ट्रीय कृषि मेले में नई खेती तकनीकों, उन्नत बीज, ड्रोन व आधुनिक मशीनों, सूक्ष्म सिंचाई, पशुपालन–मत्स्यपालन, प्रसंस्करण, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और ग्रामीण आजीविका के सैकड़ों स्टॉल लगेंगे, जहां किसान देखेंगे भी, सीखेंगे भी और तुरंत लाभ लेने के तरीके भी समझेंगे.

प्रगतिशील किसानों और कृषि कंपनियों का समागम होगा

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि लगभग तीन सौ स्टॉलों वाली यह बहु‑क्षेत्रीय प्रदर्शनी खेती के हर चरण– इनपुट से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक के समाधान एक ही जगह उपलब्ध कराएगी. इसमें कृषि, बागवानी, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि मशीनरी व टेक्नोलॉजी, उर्वरक, कीटनाशक, बीज कंपनियाँ, डिजिटल कृषि, फसल बीमा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), स्टेट एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (SAU), कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), पशुपालन, मत्स्य, ग्रामीण विकास, खाद्य प्रसंस्करण, माइक्रो–स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (MSME), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED), एफपीओ और स्टार्ट‑अप्स की सक्रिय भागीदारी रहेगी. अलग‑अलग राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों अनुभव साझा करेंगे.

कृषि तकनीकों और उपकरणों की ट्रेनिंग मिलेगी

शिवराज सिंह ने बताया कि मेले में अलग‑अलग हॉल में तीनों दिन लगातार सेमिनार और प्रशिक्षण सत्र होंगे, जिनमें फसल कटाई के बाद प्रबंधन, दलहन–तिलहन उत्पादकता वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट प्रबंधन, बीज प्रणाली, फसल बीमा, एआई आधारित डिजिटल कृषि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाइड्रोपोनिक्स (जल‑आधारित खेती), प्रिसिजन फार्मिंग (सटीक खेती) और वर्टिकल फार्मिंग (ऊर्ध्वाधर खेती) जैसे विषय शामिल हैं. फील्ड में लाइव डेमो के जरिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सूक्ष्म सिंचाई, फर्टिगेशन (उर्वरक मिश्रित सिंचाई), न्यूट्री‑केयर से संतुलित पोषण, ऑटोमेशन‑आधारित स्मार्ट फार्मिंग, टिश्यू कल्चर पौध, ड्रोन से छिड़काव, रीपर–बाइंडर, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, बेलर, रोटावेटर जैसी आधुनिक मशीनें किसानों को चलाकर दिखाई जाएँगी और उन्हें हाथों‑हाथ प्रशिक्षण दिया जाएगा.

मेले में ये सब होंगे शामिल

शिवराज सिंह ने बताया कि कृषि मंत्रालय के विभिन्न विभाग, ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, KVK, उर्वरक व कीटनाशक कंपनियां, बीज कंपनियां, माइक्रो‑इरिगेशन और मशीनरी निर्माता, बैंक व क्रेडिट संस्थान, बीमा कंपनियां, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), स्टार्ट‑अप्स, MSMEs, NAFED, पशुपालन व मत्स्य विभाग और ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ‑साथ अनेक निजी व सहकारी संस्थान सक्रिय रूप से भाग लेंगे.

केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार मध्य प्रदेश सहित देशभर से प्रगतिशील किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, कृषि‑सखी, ड्रोन दीदी, एफपीओ प्रतिनिधियों और ग्रामीण उद्यमियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे अपने अनुभव साझा कर सकें और दूसरे किसान उनके मॉडल को अपनाने की प्रेरणा ले सकें. 13 अप्रैल को आयोजित KVK सम्मेलन, एफपीओ मीट, बीज व तकनीक पर विशेष सत्र तथा किसान–वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रमों में क्षेत्र‑विशेष की जरूरतों के आधार पर स्थानीय समाधान तैयार किए जाएंगे, जो आगे चलकर कृषि रोडमैप का आधार बनेंगे.

कृषि रोडमैप और आगे की दिशा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि समापन सत्र में रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के जिलों के लिए एक समग्र कृषि रोडमैप रखा जाएगा, जिसमें फसल विविधीकरण, जल‑संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई विस्तार, एकीकृत खेती, पशुपालन–मत्स्यपालन, प्रसंस्करण इकाइयों, एफपीओ और बाजार लिंकेज को बढ़ाने के ठोस लक्ष्य तय किए जाएंगे. रोडमैप में बीज से लेकर बाजार तक पूरी वैल्यू‑चेन मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक, एआई‑आधारित सेवाएं, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, फसल बीमा, सस्ती ऋण सुविधा और ग्रामीण विकास योजनाओं के संगम से किसानों की आमदनी बढ़ाने का स्पष्ट मार्ग निर्धारित किया जाएगा.

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव केवल तीन दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के पूरे क्षेत्र की खेती को अधिक उत्पादक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दीर्घकालिक शुरुआत साबित होगा, जिसमें हर किसान की सक्रिय भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनेगी और यही “खेती का , गेम चेंजर राष्ट्रीय कृषि मेला” होने का वास्तविक प्रमाण होगा.

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