नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की कमान, पटना में शपथ की तैयारियां तेज!

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है, जहां बीजेपी ने सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित किया है. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह फैसला लिया गया है, जिससे बीजेपी पहली बार सीधे तौर पर बिहार की सत्ता संभालेगी. शपथ ग्रहण समारोह पटना में होने की संभावना है. यह कदम आने वाले चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

नोएडा | Updated On: 14 Apr, 2026 | 04:39 PM

Bihar New CM: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ चुका है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सम्राट चौधरी को राज्य का अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है. यह पहली बार होगा जब बीजेपी सीधे तौर पर बिहार की सत्ता संभालेगी. मिडीया रिपोर्टस के मुताबिक कल 11 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे सम्राट चौधरी. लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह बड़ा फैसला सामने आया है.

अब तक बीजेपी बिहार में गठबंधन की सहयोगी पार्टी के तौर पर काम करती रही थी, लेकिन इस फैसले के बाद पहली बार उसने राज्य की कमान खुद संभाल ली है. यह बदलाव राजनीति के लिहाज से काफी बड़ा माना जा रहा है और इससे साफ होता है कि आने वाले चुनावों के लिए बीजेपी अपनी रणनीति बदल रही है. माना जा रहा है कि इस कदम के जरिए पार्टी अपने वोट बैंक और पकड़ को और मजबूत करना चाहती है.

शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुआ चुनाव

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुई बैठक में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया. सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे. उन्हें ​बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है. पटना में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुई बीजेपी विधानमंडल की बैठक में विजय सिन्हा, मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल ने भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा. सम्राट चौधरी थोड़ी देर में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

कौन हैं सम्राट चौधरी?

सम्राट चौधरी बिहार के एक मजबूत और असरदार ओबीसी नेता माने जाते हैं. उनका जन्म मुंगेर जिले के तारापुर के पास लखनपुर गांव में हुआ था. उन्होंने 1990 के दशक में राजनीति में कदम रखा और शुरुआत में आरजेडी के साथ जुड़कर अपनी पहचान बनाई. उनके पिता शकुनी चौधरी भी बड़े नेता रहे हैं, जो कई बार चुनाव जीत चुके हैं और अलग-अलग पार्टियों में रहकर राजनीति में सक्रिय रहे हैं.

राजनीतिक सफर और उतार-चढ़ाव

सम्राट चौधरी का राजनीतिक करियर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है.

इसके अलावा 1995 के तारापुर केस में भी उनका नाम जुड़ा, जिसने उनकी छवि पर असर डाला. हालांकि, समय के साथ उन्होंने खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया.

बीजेपी की रणनीति और सामाजिक समीकरण

सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना बीजेपी की बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है. एक ओबीसी चेहरे को आगे कर पार्टी बिहार में अपने सामाजिक समीकरण को मजबूत करना चाहती है. आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है, जिससे पार्टी पिछड़े वर्गों में अपनी पकड़ और मजबूत कर सके.

NDA में बदला शक्ति संतुलन

हालांकि एनडीए गठबंधन कायम रहेगा, लेकिन इस फैसले के बाद शक्ति संतुलन पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में झुक गया है. जेडीयू समेत अन्य सहयोगी दल सरकार में शामिल रहेंगे, लेकिन नेतृत्व की कमान अब बीजेपी के हाथ में होगी.

सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पटना में जोर-शोर से चल रही हैं. संभावना है कि बुधवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई बड़े नेता शामिल होंगे. यह समारोह बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है. सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है. यह सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि सत्ता के समीकरणों का नया अध्याय है.

नीतीश कुमार ने आज इस्तीफा दिया

मंगलवार को बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया. उनके इस्तीफे के साथ ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और सबकी नजरें बीजेपी के सम्राट चौधरी पर टिक गई हैं. नीतीश कुमार ने अपने अंतिम संदेश में कहा कि 2005 से अब तक उनकी सरकार ने कानून व्यवस्था और हर वर्ग के विकास पर काम किया. ‘7 निश्चय-3’ योजना के जरिए बिहार को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए नई सरकार को पूरा सहयोग देने की बात कही और जनता का धन्यवाद किया.

Published: 14 Apr, 2026 | 04:28 PM

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