US ट्रेड डील के खिलाफ पंजाब में किसानों का प्रदर्शन, समझौता वापस नहीं लेने तक आंदोलन की चेतावनी
SKM Farmers protest : पंजाब के बाकी हिस्सों की तरह मोहाली जिले में भी सभी टोल प्लाजा पर अपनी मांगों को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान भगवंत मान और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा.
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसानों ने बुधवार को पंजाब के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया. भारत-US फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के विरोध में टोल प्लाज़ा पर गाड़ियों की आवाजाही को टोल-फ्री कर दिया. किसानों को डर है कि अमेरिका व्यापार समझौते का कृषि क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है. किसानों इस समझौते को रद्द करने की मांग उठाई. कीर्ति किसान यूनियन ने कहा कि जबतक समझौता वापस नहीं लिया जाता आंदोलन जारी रहेगा. इस दौरान किसान नेताओं ने एमएसपी गारंटी कानून लागू करने और C2+50 फीसदी के फॉर्मूले के आधार पर फसलों के मूल्य तय करने की मांग की है.
संयुक्त किसान मोर्चा की देशव्यापी अपील पर पंजाब के लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर और अमृतसर, जालंधर और नवांशहर समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए. किसानों का यह प्रदर्शन शहरों में शाम 4 बजे तक चला. जबकि, हाइवे टोल प्लाजा पर किसान 2 बजे तक डटे रहे और इस दौरान टोल प्लाजा से गाड़ियों को मुफ्त में गुजरने दिया. किसान संगठन ने पहले ही भारत-US फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.
किसानों ने कई शहरों में टोल प्लाजा फ्री कराया
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) की जालंधर इकाई ने आदमपुर के चोलंग टोल प्लाजा और फिल्लौर के लाडोवाल टोल प्लाजा को टोल फ्री करके तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन किया. किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रस्तावित समझौते के कृषि क्षेत्र, और खासकर पंजाब के किसानों पर दूरगामी परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिकी किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा करना भारतीय किसानों के लिए मुश्किल होगा, जिससे स्थानीय किसानों की आजीविका पर खतरा पैदा हो सकता है.
सभी फसलों पर एमएसपी गारंटी कानून की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कई अन्य मांगें भी उठाईं. उन्होंने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि नहर का पानी हर खेत तक पहुंचे और हर घर को पीने के लिए साफ नहर का पानी मिले. उन्होंने उन नीतियों को वापस लेने की भी मांग की, जिनसे उनके अनुसार जल संसाधनों पर कॉर्पोरेट नियंत्रण को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा नेताओं ने C2+50 प्रतिशत फॉर्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सभी फसलों, फलों, सब्जियों और बासमती की खरीद की कानूनी गारंटी की मांग की.
जबतक समझौता वापस नहीं लिया जाता आंदोलन जारी रहेगा
कीर्ति किसान यूनियन के सदस्यों ने नवांशहर में बहराम टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया. यहां किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रस्तावित समझौते से किसानों की आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा. नेताओं ने केंद्र सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करने और किसी भी ऐसे व्यापार समझौते पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया जो इस क्षेत्र पर बुरा असर डाल सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक प्रस्तावित समझौता वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
मोहाली में टोल प्लाजा पर नारेबाजी
पंजाब के बाकी हिस्सों की तरह मोहाली जिले में भी सभी टोल प्लाजा पर अपनी मांगों को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस धरने का नेतृत्व SKM ने किया, जिसमें BKU एकता सिद्धूपुर, बीकेयू क्रांति, बीकेयू लखोवाल, बीकेयू राजेवाल जैसे किसान संगठन शामिल हुए. इन्होंने मोहाली के भागोमाजरा, डप्पर, बरोदी और बझेरी गांव के टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया. BKU राजेवाल के नेता मलकीत सिंह ने कहा कि वे भारत-अमेरिका डील, जमीन की पूलिंग और जमीन गिरवी रखकर लिए गए बैंक लोन के मुद्दों का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने मोदी सरकार और मान सरकार के खिलाफ नारे लगाए और तुरंत कार्रवाई की मांग की.
किसान नेता तरसेम सिंह ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन आज शुरू किए गए प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ SKM के देशव्यापी अभियान की शुरुआत थी. किसान नेताओं ने समाज के सभी वर्गों के लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की.