कम खर्च में शुरू करें गूलर की खेती, आयुर्वेद और फर्नीचर मार्केट में जबरदस्त बढ़ रही डिमांड

गूलर का पेड़ किसानों के लिए कम खर्च में लंबे समय तक कमाई देने वाला बेहतर विकल्प बनता जा रहा है. इसकी पत्तियां, फल और छाल आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल होती हैं, जबकि लकड़ी से महंगे फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. बढ़ती बाजार मांग के कारण किसान अब इसकी खेती में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 11 May, 2026 | 09:38 PM

Gular Farming: आज के समय में किसान केवल गेहूं, धान और पारंपरिक फसलों पर निर्भर नहीं रहना चाहते. अब कई किसान ऐसी खेती की तरफ बढ़ रहे हैं, जिससे लंबे समय तक लगातार कमाई हो सके. पेड़ों की खेती भी किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बनती जा रही है. खासकर ऐसे पेड़, जिनकी लकड़ी, पत्तियां और फल बाजार में अच्छी कीमत पर बिकते हैं. इन्हीं पेड़ों में गूलर का पेड़ भी शामिल है. यह पेड़ कम देखभाल में आसानी से तैयार हो जाता है और बाजार में इसकी काफी मांग रहती है. इसकी पत्तियां, फल, जड़ और छाल का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाएं बनाने में किया जाता है. वहीं इसकी लकड़ी से सुंदर और महंगे फर्नीचर भी तैयार किए जाते हैं. यही वजह है कि अब किसान खाली पड़ी जमीन में गूलर के पेड़ लगाकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं.

औषधीय गुणों से भरपूर है गूलर का पेड़

गूलर का पेड़ कई औषधीय गुणों  के लिए जाना जाता है. इसकी छाल, फल और पत्तियों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है. गांवों में लोग लंबे समय से इसका इस्तेमाल घरेलू इलाज में भी करते आ रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, गूलर की पत्तियां और फल शरीर की सूजन कम करने में मददगार माने जाते हैं. इसके अलावा पुराने घावों पर इसकी पत्तियों का लेप लगाने की भी सलाह दी जाती है. आजकल आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी वजह से गूलर के पेड़ से मिलने वाले हिस्सों की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है. किसान अगर बड़े स्तर पर इसकी खेती करें, तो आने वाले समय में इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं.

लकड़ी की बाजार में रहती है भारी मांग

गूलर के पेड़ की लकड़ी  भी काफी उपयोगी मानी जाती है. इसकी लकड़ी मजबूत और टिकाऊ होती है, इसलिए इससे फर्नीचर तैयार किया जाता है. बाजार में गूलर की लकड़ी से बने टेबल, कुर्सी और सजावटी सामान की मांग रहती है. किसानों के लिए यह पेड़ इसलिए भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें ज्यादा खर्च नहीं आता. एक बार पौधा लगाने के बाद सामान्य देखभाल से यह धीरे-धीरे बड़ा हो जाता है. करीब 7 से 8 साल में पेड़ पूरी तरह तैयार हो जाता है. इसके बाद किसान लकड़ी बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि खाली पड़ी जमीन में ऐसे पेड़ लगाना किसानों के लिए भविष्य की बचत जैसा होता है. इससे खेती के साथ अतिरिक्त आय भी मिलती रहती है. गूलर की खेती कम लागत में 3 से 4 लाख रुपये तक सालाना मुनाफा देने वाला अच्छा विकल्प है.

ऐसे तैयार करें गूलर का पौधा

गूलर का पौधा बीज और कलम दोनों तरीके से तैयार किया जा सकता है. अगर किसान जल्दी पौधा तैयार करना चाहते हैं, तो कलम वाला तरीका ज्यादा अच्छा माना जाता है. इसके लिए किसी पुराने और स्वस्थ गूलर के पेड़ से एक मजबूत कलम काटी जाती है. फिर उसकी पत्तियां हटा दी जाती हैं. इसके बाद कलम के नीचे वाले हिस्से को हल्का तिरछा काटकर मिट्टी में लगाया जाता है. पौधा लगाने से पहले मिट्टी  तैयार करना जरूरी होता है. मिट्टी में अच्छी तरह गोबर की खाद मिलानी चाहिए. इससे पौधे को जरूरी पोषण मिलता है और उसकी बढ़वार अच्छी होती है. शुरुआत में पौधे को गमले में भी लगाया जा सकता है. जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तब उसे खेत या बगीचे में लगाया जा सकता है. किसान चाहें तो नर्सरी से तैयार पौधा खरीदकर भी खेती शुरू कर सकते हैं.

अच्छी धूप और कम देखभाल में बढ़ता है पेड़

गूलर का पेड़ ज्यादा देखभाल नहीं मांगता. इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए, जहां रोजाना 5 से 6 घंटे तक अच्छी धूप आती हो. धूप मिलने से पौधा तेजी से बढ़ता है और मजबूत बनता है. पौधे को समय-समय पर पानी देना जरूरी होता है, लेकिन ज्यादा पानी जमा नहीं होना चाहिए. खेत की मिट्टी  नरम और उपजाऊ हो तो पेड़ की बढ़वार और अच्छी होती है. कई किसान अब खेत के किनारों और खाली जमीन में गूलर के पेड़ लगा रहे हैं. इससे जमीन का सही उपयोग हो रहा है और आने वाले समय में अच्छी कमाई की उम्मीद भी बन रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसान लंबी अवधि की कमाई चाहते हैं, तो गूलर जैसे पेड़ों की खेती उनके लिए अच्छा विकल्प बन सकती है. कम खर्च, आसान देखभाल और बाजार में बढ़ती मांग के कारण यह खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है.

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Published: 11 May, 2026 | 09:38 PM
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