कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान, जल्द मोबाइल बताएगा मिट्टी की सेहत, हर सप्ताह चलेगा ‘खेत बचाओ अभियान’

Khet Bachao Abhiyan: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की है कि वे जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल न करें. उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच के बाद ही खाद डालें, ताकि जमीन की उर्वरक क्षमता बनी रहे. सरकार एक ऐसा मोबाइल ऐप भी ला रही है, जो खेत में खड़े-खड़े मिट्टी की स्थिति और सही मात्रा में खाद की जानकारी देगा.

नोएडा | Updated On: 30 Jun, 2026 | 04:06 PM

Mobile Soil Testing App: खेती में अच्छी पैदावार के लिए किसान अक्सर ज्यादा खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कर देते हैं. लेकिन यही आदत आने वाले समय में खेती के लिए बड़ी समस्या बन सकती है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की है कि वे जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद का इस्तेमाल न करें और मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरक डालें.

हरियाणा के रेवाड़ी में ‘खेत बचाओ अभियान’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. अगर अभी से सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले समय में जमीन की उपजाऊ क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है.

मिट्टी की जांच के बाद ही डालें खाद

कृषि मंत्री ने साफ कहा कि सरकार किसानों को खाद का इस्तेमाल बंद करने के लिए नहीं कह रही है. उनका कहना है कि खाद का उपयोग जरूर करें, लेकिन उतनी ही मात्रा में करें जितनी खेत को जरूरत हो. उन्होंने किसानों से अपनी जमीन की नियमित मिट्टी जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी. इससे फसल को सही पोषण मिलेगा, खेती की लागत भी कम होगी और मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी.

ज्यादा रासायनिक खाद से बढ़ सकता है खतरा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल केवल मिट्टी को ही नहीं, बल्कि इंसानों की सेहत को भी नुकसान पहुंचाता है. इनके अवशेष फसलों में रह जाते हैं, जो भोजन के जरिए शरीर तक पहुंच सकते हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो एक समय ऐसा भी आ सकता है जब जमीन की उर्वरक क्षमता घट जाएगी और वह पहले जैसी फसल नहीं दे पाएगी. इसलिए अभी से संतुलित खेती अपनाना जरूरी है.

अब मोबाइल बताएगा मिट्टी की सेहत

कृषि मंत्री ने किसानों के लिए सरकार की एक नई तकनीकी पहल की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार एक ऐसा मोबाइल ऐप तैयार कर रही है, जिसकी मदद से किसानों को भविष्य में मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

उन्होंने कहा कि किसान अपने मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड करेंगे और खेत में खड़े होकर ही मिट्टी की स्थिति जान सकेंगे. ऐप यह बताएगा कि मिट्टी में कौन-से पोषक तत्व कम या ज्यादा हैं और किस खाद का कितना इस्तेमाल करना चाहिए. इससे किसानों को सही और वैज्ञानिक सलाह तुरंत मिल सकेगी.

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की भी अपील की. उनका कहना है कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन कम नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरक क्षमता बनी रहती है और खेती अधिक टिकाऊ बनती है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार संभावित अल नीनो की स्थिति को देखते हुए पहले से तैयारी कर रही है. इसके तहत कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा देने, उपयुक्त बीज उपलब्ध कराने और किसानों को समय पर सलाह देने की योजना बनाई जा रही है.

हर सप्ताह चलेगा ‘खेत बचाओ अभियान’

कृषि मंत्री ने कहा कि खेती और जमीन को सुरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है. इसी उद्देश्य से अब राज्यों में हर सप्ताह किसी न किसी दिन ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा. इस अभियान के जरिए किसानों को मिट्टी की जांच, संतुलित खाद के उपयोग और प्राकृतिक खेती के फायदे बताए जाएंगे. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी को केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाले कल की संपत्ति मानें. अगर आज सही तरीके से खेती की जाएगी, तो आने वाली पीढ़ियां भी इसी जमीन से अच्छी पैदावार ले सकेंगी.

Published: 30 Jun, 2026 | 03:50 PM

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