इथेनॉल पेट्रोल मुद्दे में किसानों की राय पर विचार करेगी सरकार, MSP के साथ वैकल्पिक बाजार की मांग
Ethanol Blended Petrol Policy : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल पर किसानों की राय पर सरकार विचार करेगी. अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति ने एमएसपी, पेट्रोल मूल्य, मंडी का वैकल्पिक बाजार उपलब्ध कराने समेत कई मांगें मंत्री के सामने रखी हैं.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार पेट्रोल में इथनॉल मिलाने (ब्लेंडिंग) की नीति के संदर्भ में किसानों की राय पर विचार करेगी. उन्होंने ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद यह बात कही. प्रतिनिधिमंडल ने मांग की थी कि इस योजना का फायदा कंपनियों और बिचौलियों के बजाय किसानों तक पहुंचे. इसके अलावा कमेटी ने किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों के अलावा वैकल्पिक बाजार की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है.
देश की कृषि नीति का केंद्र केवल उत्पादन नहीं, बल्कि किसान की आमदनी, आधुनिक तकनीक, प्रतिस्पर्धी बाजार और अपना निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए. जब तक वैकल्पिक फसलों के लिए पक्का बाजार और लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक फसल विविधीकरण सफल नहीं हो सकता.
इथेनॉल नीति का लाभ किसान तक पहुंचे
भारत का इथेनॉल कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा और कृषि उपज की नई मांग पैदा करने की दिशा में अच्छा कदम है. लेकिन, इस नीति का वास्तविक लाभ किसान को मिलना चाहिए. E20 पेट्रोल से संबंधित बहस का जवाब स्वतंत्र वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर दिया जाना चाहिए. पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल की वास्तविक मात्रा स्पष्ट रूप से लिखी जाए. अलग-अलग श्रेणी और निर्माण वर्ष के वाहनों पर माइलेज, इंजन अनुकूलता और वारंटी से जुड़े परीक्षण सार्वजनिक किए जाएं.
एथेनॉल मिक्स पेट्रोल का मूल्य सामान्य पेट्रोल से कम रखा जाए
नीति आयोग ने कम ऊष्मीय क्षमता की भरपाई के लिए एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का मूल्य सामान्य पेट्रोल से कम रखने की सिफारिश की थी. सरकार को मिश्रित और गैर-मिश्रित पेट्रोल के मूल्य तथा करों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए. पुराने वाहनों के लिए कम एथेनॉल वाला उपयुक्त ईंधन उपलब्ध कराने पर भी विचार होना चाहिए. पानी की कमी वाले क्षेत्रों में एथेनॉल उत्पादन के लिए धान के बजाय मक्का, ज्वार, फसल अवशेष और कम पानी लेने वाली दूसरी फसलों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
किसानों के लिए MSP के साथ वैकल्पिक बाजार भी जरूरी
अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के सदस्य गुणी प्रकाश ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री से किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित किए जाने की मांग की है. MSP किसान के लिए जरूरी सुरक्षा कवच है, लेकिन सरकारी खरीद हर फसल और हर किसान को नहीं संभाल सकती. बाजार गिरने पर किसान को MSP का सहारा और बाजार बेहतर होने पर अधिक मूल्य प्राप्त करने की स्वतंत्रता, दोनों मिलने चाहिए.
मंडी के अलावा वैध बाजारों की व्यवस्था करे सरकार
किसान नेता गुणी प्रकाश ने कहा कि किसान के पास मंडी में बेचने के साथ-साथ दूसरे वैध बाजारों में बेचने का विकल्प भी होना चाहिए. e-NAM को वास्तविक राष्ट्रीय कृषि बाजार बनाया जाए. इसके लिए समान गुणवत्ता मानक, भरोसेमंद जांच, अंतरराज्यीय परिवहन, विवाद निपटारा और एकीकृत व्यापारी लाइसेंस की आवश्यकता है. किसानों को NCDEX जैसे विनियमित कमोडिटी एक्सचेंजों के माध्यम से वायदा और विकल्प कारोबार तक सुरक्षित पहुंच मिलनी चाहिए. प्रमुख कृषि वस्तुओं के वायदा कारोबार पर लंबे समय से जारी व्यापक रोक की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए. डिलीवरी आधारित और सख्ती से विनियमित वायदा बाजार किसानों को भाव का अग्रिम संकेत और जोखिम से सुरक्षा दे सकता है.
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की नीति को लेकर किसानों की राय पर विचार करेगी सरकार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति की सिफारिशों और मांगों पर विचार करने की बात कही है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (ब्लेंडिंग) की नीति के संदर्भ में किसानों की राय पर विचार करेगी. उन्होंने ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद यह बात कही. प्रतिनिधिमंडल ने मांग की थी कि इस योजना का फायदा कंपनियों और बिचौलियों के बजाय किसानों तक पहुंचे.