UP में 3 जुलाई से लगेगा आमों का महाकुंभ, 800 से ज्यादा किस्में और बागवानों के लिए खास प्रशिक्षण

UP Mango Festival 2026: उत्तर प्रदेश में 3 से 5 जुलाई तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यूपी आम महोत्सव आयोजित होगा. इस दौरान 800 से ज्यादा किस्मों के आम प्रदर्शित किए जाएंगे. महोत्सव में किसानों को आधुनिक आम की खेती, कीट नियंत्रण और विपणन की जानकारी दी जाएगी.

नोएडा | Published: 2 Jul, 2026 | 05:20 PM

Uttar Pradesh Mango Festival: अगर आप आम खाने के शौकीन हैं या फिर आम की खेती करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 3 से 5 जुलाई तक उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है. यह महोत्सव गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा, जिसका उद्घाटन 3 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. इस तीन दिवसीय आयोजन में सिर्फ आमों की प्रदर्शनी ही नहीं होगी, बल्कि किसानों, बागवानों, कारोबारियों और आम प्रेमियों के लिए कई खास कार्यक्रम भी रखे गए हैं.

एक ही जगह दिखेंगी 800 से ज्यादा किस्मों के आम

इस बार आम महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां 800 से ज्यादा किस्मों के आम प्रदर्शित किए जाएंगे. दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, लखनऊ सफेदा, रटौल और गौरजीत जैसी मशहूर किस्मों के अलावा कई दुर्लभ और नई वैरायटी भी देखने को मिलेगी. इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के उद्यान विभाग के अधिकारी, निर्यातक और प्रगतिशील बागवान भी हिस्सा लेंगे.

आम खाने से लेकर व्यंजन बनाने तक होगी प्रतियोगिता

यह महोत्सव सिर्फ प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा. यहां आम से जुड़े कई मनोरंजक कार्यक्रम भी होंगे. आम खाने की प्रतियोगिता के साथ-साथ आम से बनने वाले अलग-अलग स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करने की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी. इससे आम प्रेमियों को एक अलग अनुभव मिलेगा.

किसानों को सिखाई जाएंगी आधुनिक खेती की तकनीक

महोत्सव में किसानों और बागवानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे. इसमें विशेषज्ञ बताएंगे कि आम की अच्छी पैदावार कैसे बढ़ाई जाए, फलों की तुड़ाई के बाद उन्हें सुरक्षित कैसे रखा जाए, कीटों से बचाव कैसे किया जाए और बाजार में बेहतर कीमत कैसे मिले. इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने में मदद करना है.

आम खरीदने का भी मिलेगा मौका

अगर आपको किसी खास किस्म का आम पसंद आता है, तो उसे खरीदने की भी व्यवस्था रहेगी. पहली बार 4 जुलाई को लखनऊ के जन भवन में आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. यहां बागवान सीधे व्यापारियों और खरीदारों से जुड़ सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित दाम मिलने की उम्मीद है.

विदेशों में बढ़ेगी यूपी के आम की पहचान

प्रदेश सरकार यूपी के आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए भी लगातार काम कर रही है. इसके लिए लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में आधुनिक मैंगो पैक हाउस बनाए गए हैं, जहां आम की प्रोसेसिंग और पैकिंग की जाती है. इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट पर फलों की टेस्टिंग और ट्रीटमेंट सेंटर भी तैयार किया जा रहा है. इससे विदेशों में आम भेजना आसान होगा और निर्यात को नई रफ्तार मिलेगी.

सरकार ने इस साल आम के फलों को कीटों से बचाने के लिए बागवानों के बीच 1.50 करोड़ फ्रूट बैग वितरित किए हैं. वहीं पुराने आम के बागों के रखरखाव के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दी जा रही है.

आम उत्पादन और निर्यात में यूपी नंबर-1

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है. प्रदेश में करीब 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और हर साल लगभग 61.96 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है. यह देश के कुल आम उत्पादन का करीब 26.22 प्रतिशत है.

सिर्फ उत्पादन ही नहीं, निर्यात में भी यूपी तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 3,563 मीट्रिक टन आम और आम का पल्प विदेश भेजा गया, जिसकी कीमत 12.67 करोड़ रुपये रही. यूपी का आम आज यूके, यूएई, सऊदी अरब, मलेशिया, न्यूजीलैंड, जापान और रूस समेत कई देशों में पहुंच रहा है.

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