यूपी दिव्यांगों को बड़ी राहत..अब हर महीने 3,000 रुपये मिलेंगे, सरकार ने बढ़ाई सहायता राशि

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित और निराश्रित लोगों की मासिक भरण-पोषण सहायता 2,000 से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी है. इसके साथ ही सहायक उपकरण, कॉक्लियर इम्प्लांट और विशेष शिक्षा जैसी सुविधाओं को भी और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.

नोएडा | Published: 3 Jul, 2026 | 06:18 PM

Uttar Pradesh Disability Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित और निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों की मासिक भरण-पोषण अनुदान राशि 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का निर्देश दिया है. सरकार का मानना है कि इससे संस्थानों में रहने वाले दिव्यांगजनों को बेहतर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन मिल सकेगा. मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए.

भरण-पोषण अनुदान में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि मानसिक मंदित और निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भरण-पोषण अनुदान राशि को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अतिरिक्त राशि का उपयोग पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए किया जाए, ताकि दिव्यांगजन सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें.

हर जिले में लगेंगे सहायक उपकरण वितरण शिविर

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जाएं. बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 34,420 पात्र लाभार्थियों को कुल 43,689 सहायक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन सहायता से वंचित न रहे.

श्रवण बाधित बच्चों के इलाज और शिक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने श्रवण बाधित बच्चों की जल्द पहचान और समय पर कॉक्लियर इम्प्लांट कराने के निर्देश दिए. इसके साथ ही इम्प्लांट के बाद उनके पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित  करने को भी कहा. अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 226 बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 68 जिलों से 335 बच्चों की पहचान की जा चुकी है. इसके अलावा विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया.

लाखों दिव्यांगजनों को मिल रहा योजनाओं का लाभ

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.23 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजना  का लाभ उठा चुके हैं. इसके अलावा सरकार निशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, विवाह प्रोत्साहन योजना, दुकान संचालन सहायता और रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा जैसी कई योजनाएं भी चला रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर पात्र लाभार्थी तक सरकारी सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंच सके.

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