योगी सरकार का आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को तोहफा! मानदेय में 4 हजार का इजाफा, सहायिकाओं को भी फायदा

Anganwadi Workers UP: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है. अब आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8,000 से बढ़कर 12,000 रुपये और सहायिकाओं का 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपये प्रति माह होगा.

नोएडा | Published: 8 Sep, 2026 | 05:12 PM

Anganwadi Workers Salary Hike: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रति माह करने का ऐलान किया. वहीं सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है. सरकार के इस फैसले से प्रदेश की बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को सीधा फायदा मिलेगा. मुख्यमंत्री ने इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सांकेतिक चेक और साड़ियां भी वितरित कीं. उन्होंने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए एक साथ कई योजनाओं पर काम कर रही है.

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़कर 12 हजार

योगी सरकार के नए ऐलान के मुताबिक अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 12 हजार रुपये मानदेय मिलेगा. इससे पहले उन्हें 8 हजार रुपये मिलते थे. यानी हर महीने 4 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इसी तरह आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय भी 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है. इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी खरीदने के लिए मिलने वाली राशि में भी 500 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है. सरकार के मुताबिक इन घोषणाओं से प्रदेश सरकार पर करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा.

स्मार्टफोन से लेकर कैशलेस सुविधा तक कई ऐलान

मुख्यमंत्री ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए सरकार चार प्रमुख योजनाओं के साथ आगे बढ़ रही है. इनमें बढ़ा हुआ मानदेय, 5 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा, साड़ियों की संख्या बढ़ाना और स्मार्टफोन उपलब्ध कराना शामिल है. उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से अब आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाया जा रहा है. इससे केंद्रों पर होने वाले काम और बच्चों से जुड़ी सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी.

पोषण आहार की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार ने पोषण आहार की व्यवस्था से माफिया का प्रभाव खत्म कर इसकी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी है. प्रदेश में करीब 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अलग-अलग योजनाओं से जोड़ा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले नौ वर्षों में 70 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है. सरकार हर आंगनवाड़ी केंद्र के लिए अपने भवन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम कर रही है.

कोरोना काल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के काम को सराहा

सीएम योगी ने कोरोना महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों की भूमिका की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही आगे चलकर स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की नींव तैयार करता है. मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आगे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और काम के आधार पर मानदेय में और बढ़ोतरी पर विचार किया जा सकता है.

2017 से पहले की व्यवस्था पर साधा निशाना

अयोध्या में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि करीब नौ साल पहले कई केंद्रों के भवन जर्जर हालत में थे और वहां व्यवस्था ठीक नहीं थी. सीएम के मुताबिक उस समय आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों के लिए कई जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं. कई जगह बच्चों को बैठने के लिए टाट तक की व्यवस्था नहीं थी. पेयजल की सुविधा और पौष्टिक भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी समस्याएं थीं. उन्होंने कहा कि पहले की अव्यवस्था का नुकसान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उठाना पड़ता था, जबकि व्यवस्था में गड़बड़ी के लिए दूसरे लोग जिम्मेदार थे. अब सरकार का जोर आंगनवाड़ी केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने और वहां आने वाले बच्चों को बेहतर पोषण और सुविधाएं देने पर है.

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