MatsyaMetri App ICAR: मछलियों और दूसरे जलीय जीवों की सही लंबाई और चौड़ाई पता करना मछली पालन और समुद्री संसाधनों से जुड़ी रिसर्च में काफी जरूरी होता है. इसके लिए अब तक कई बार मछली को पकड़कर या हाथ में लेकर उसकी माप करनी पड़ती थी. इसमें समय भी लगता है और ज्यादा संख्या में मछलियों का आंकड़ा जुटाना मुश्किल हो जाता है. इस समस्या को आसान बनाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CMFRI) ने एक नया स्मार्टफोन ऐप तैयार किया है. इसका नाम ‘मत्स्यमेत्री’ (MatsyaMetri) है.
तस्वीर से पता चलेगी मछली की लंबाई और चौड़ाई
इस ऐप की खासियत यह है कि मछली को हाथ से पकड़े बिना उसकी लंबाई और चौड़ाई का पता लगाया जा सकता है. इसके लिए उपयोगकर्ता को स्मार्टफोन के कैमरे से मछली की तस्वीर लेनी होगी. ऐप तस्वीर का इस्तेमाल करके मछली की माप निकालता है. इससे मछलियों से जुड़ी जरूरी जानकारी जुटाना काफी आसान हो सकता है. खासकर उन जगहों पर, जहां वैज्ञानिकों और सर्वे टीमों को बड़ी संख्या में मछलियों की जानकारी इकट्ठा करनी होती है.
अपने आप तैयार होगा मछलियों का आंकड़ा
मत्स्यमेत्री सिर्फ मछली की माप बताने तक सीमित नहीं है. यह माप को अपने आप दर्ज करता है और उनसे लंबाई के आधार पर आंकड़ों का समूह तैयार करता है. इन आंकड़ों का इस्तेमाल मछलियों की संख्या, उनकी आबादी और समुद्री संसाधनों की स्थिति का आकलन करने में किया जा सकता है. इस तरह वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी क्षेत्र में मछलियों की आबादी कैसी है और समय के साथ उसमें क्या बदलाव हो रहा है.
एक साथ कई मछलियों की हो सकेगी माप
ऐप में एक ही तरह की कई मछलियों को एक बार में मापने की सुविधा है. सभी माप एक साथ दर्ज होते जाते हैं. काम पूरा होने के बाद ऐप अलग-अलग लंबाई के हिसाब से मछलियों की पूरी जानकारी भी तैयार कर देता है. मछलियों की तस्वीरें और उनके माप को ऐप में सुरक्षित रखा जा सकता है. जरूरत पड़ने पर पूरा आंकड़ा सीएसवी फाइल के रूप में बाहर निकालकर आगे की वैज्ञानिक रिसर्च में इस्तेमाल किया जा सकता है.
वैज्ञानिकों और सर्वे टीमों के लिए उपयोगी
ICAR-CMFRI के निदेशक ग्रिन्सन जॉर्ज के मुताबिक, यह ऐप जैविक आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा. इसे खासतौर पर मछली विज्ञान से जुड़े वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और क्षेत्र में सर्वे करने वाली टीमों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, ऐप विकसित करने वाले वरिष्ठ वैज्ञानिक और ICAR-राष्ट्रीय फेलो एल्डो वर्गीज ने बताया कि इसका मकसद क्षेत्रीय सर्वे के दौरान मछलियों से जुड़े आंकड़े तेजी से जुटाना और उन्हें वैज्ञानिक आकलन के लिए व्यवस्थित करना है.
ऐसे काम करेगा मत्स्यमेत्री ऐप
यह ऐप उन एंड्रॉयड स्मार्टफोन में काम करेगा, जिनमें एआरकोर की सुविधा उपलब्ध है. उपयोगकर्ता को पहले ऐप में रेजिस्टर और लॉगिन करना होगा. इसके बाद एक नया नमूना सत्र बनाया जा सकता है. फिर फोन के कैमरे को किसी समतल सतह की ओर करना होगा और मछली को कैमरे के सामने रखना होगा. ऐप सतह को पहचानने के बाद स्क्रीन पर मापने के लिए एक संकेत देगा. इसके आधार पर मछली की लंबाई और चौड़ाई का अनुमान लगाया जाएगा. इस तकनीक से मछलियों की माप और आंकड़े जुटाने में लगने वाला समय कम हो सकता है.