दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में एक दिन में 114 से ज्यादा नए H1N1 केस सामने आए हैं. इसके साथ ही इस साल अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या 1,777 से अधिक हो गई है. बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों को सतर्क रहने और फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
अस्पतालों में पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों की निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी अस्पताल में फिलहाल H1N1 से संक्रमित 5 मरीज भर्ती हैं. वहीं, 22 संदिग्ध मरीजों की जांच और निगरानी की जा रही है. अस्पताल प्रशासन मरीजों की स्थिति के अनुसार इलाज और जरूरी चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है. स्वास्थ्य विभाग लगातार अस्पतालों की तैयारियों और मरीजों की स्थिति पर नजर रख रहा है, ताकि संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
स्वाइन फ्लू और वायरल के लक्षणों में न करें लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू में भी सामान्य वायरल या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इनमें बुखार, खांसी, जुकाम, नाक बहना, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसी परेशानियां शामिल हो सकती हैं. ऐसे में केवल लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू और सामान्य वायरल में अंतर करना मुश्किल हो सकता है. लगातार बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर चिकित्सक जांच की सलाह दे सकते हैं.
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
H1N1 संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचें और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें. हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचें. संक्रमित या संदिग्ध व्यक्ति को आराम करने के साथ डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा लेनी चाहिए. खुद से एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेना उचित नहीं है.
घबराएं नहीं, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज भी न करें
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता जरूरी है, लेकिन लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. समय पर बीमारी की पहचान, चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार से गंभीर स्थिति के खतरे को कम किया जा सकता है. खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर अधिक सावधानी बरतनी चाहिए. लगातार बुखार, सांस लेने में दिक्कत या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए.