India US Trade Deal: किसानों का ऐलान- ट्रंप-मोदी का पुतला फूकेंगे, पंजाब-हरियाणा में 2 दिन लंबा पड़ाव डालेंगे

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें भारत-अमेरिका समझौते के संबंध में जनता को गुमराह कर रही हैं, जबकि इसके वास्तविक प्रभाव किसानों और आम वर्ग के लिए गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकते हैं. किसानों ने पंजाब सीएम और हरियाणा सीएम के यहां विरोध प्रदर्शन करने और पड़ाव डालने का ऐलान किया है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 15 Feb, 2026 | 06:32 PM

भारत अमेरिका व्यापार समझौते समेत अन्य केंद्रीय फैसलों के विरोध में किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने लंबी लड़ाई का ऐलान कर दिया है.  किसान नेताओं ने कहा है कि 16 फरवरी को मोगा में सीएम भगवंत मान की रैली में उनका घेराव करेंगे. जबकि, हरियाणा में 17 फरवरी को भारतीय किसान एकता (BKE)  सीएम नायब सिंह सैनी के आवास पर 3 दिन का पड़ाव डालेंगे. जबकि, डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के पुतले जलाने का ऐलान किया गया है.

सीएम भगवंत मान के घेराव और हक मांगने का ऐलान

किसान मजदूर मोर्चा किसान भवन चंडीगढ़ में बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं. यहां सतनाम सिंह साहनी (बीकेयू दोआबा) की अध्यक्षता में बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बिजली एक्ट 2025, बीज संशोधन विधेयक 2025, जी राम जी मामला तथा शंभू–खनौरी में राज्य सरकार की ओर से की गई कार्रवाई मुख्य चर्चा के विषय रहे. जबकि 16 फरवरी को मोगा में आयोजित पंजाब सरकार की रैली में जिला मोगा की केएमएम इकाइयां मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से शांतिपूर्वक सवाल पूछेंगी. बैठक के दौरान नेताओं ने देशभर की किसान और मजदूर संगठनों से कॉर्पोरेट शक्तियों के विरुद्ध एकजुट होकर आने वाले समय में तीखा संघर्ष छेड़ने का आह्वान किया.

अमेरिकी डील में किसानों को गुमराह कर रही सरकार

मोर्चे के मुख्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें भारत-अमेरिका समझौते के संबंध में जनता को गुमराह कर रही हैं, जबकि इसके वास्तविक प्रभाव किसानों और आम वर्ग के लिए गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकते हैं. प्रीपेड मीटर नीति पर बोलते हुए जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने इसे छोटे किसानों, मजदूरों, दुकानदारों और व्यापारियों के लिए विनाशकारी बताया. इसी प्रकार मनजीत सिंह राय ने बीज संशोधन विधेयक को देसी बीज प्रणाली पर कॉर्पोरेट हमला करार दिया.

किसान और मजदूर संगठनों को एकजुट होने का आह्वान

किसान नेताओं ने देशभर की किसान और मजदूर संगठनों से कॉर्पोरेट शक्तियों के विरुद्ध एकजुट होकर आने वाले समय में तीखा संघर्ष छेड़ने का आह्वान किया, ताकि कृषि और देश की आत्मनिर्भरता की रक्षा की जा सके. मोर्चा नेताओं ने शहीद शुभ करण की बरसी 21 फरवरी को देशव्यापी स्तर पर मनाने की घोषणा की. इसके साथ ही मार्च के तीसरे सप्ताह में पंजाब सरकार के खिलाफ शंभू–खनौरी बॉर्डर से हुए सामान की लूट के विरोध में संघर्ष का ऐलान किया.

दूसरी ओर, भारतीय किसान एकता के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने सिरसा में कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India US Trade Deal) का किसान विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही. वह 17 फरवरी को अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के साथ एफटीए के विरोध में 17 फरवरी को दोपहर 1 बजे उपायुक्त कार्यालय सिरसा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका जाएगा. इसके साथ ही ट्रेड़ डील की सांकेतिक प्रतियां जलाई जाएंगी. भारतीय किसान एकता के नेताओं ने कहा कि सरकार ने गुप्त तरीके से अमेरिका के साथ समझौता किया है और अस्पष्ट बयान जारी किए जा रहे हैं. कहा कि

मुख्यमंत्री आवास पर लगेगा किसानों का महापड़ाव

हरियाणा सरकार की ओर से बुढ़ापा पेंशन काटने के विरोध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी पुतला फूंका जाएगा और 17 फरवरी को उनके आवास पर किसान पड़ाव डालेंगे. किसान संगठन हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर किसानों-मजदूरों की संपूर्ण कर्जा माफी सहित सभी मांगों को लेकर 23, 24 और 25 फरवरी को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगने जा रहे महापड़ाव में बीकेई के बैनर तले बड़ी संख्या में सिरसा से किसान-मजदूर पहुंचेंगे. वहीं हरियाणा सरकार की ओर से बुजुर्गों की काटी गई बुढ़ापा पेंशन को भी बहाल करवाया जाएगा.  किसान नेता सुभाष झोरड़ ने कहा कि 1987 में चौधरी देवीलाल ने किसानों की बुढ़ापा पेंशन शुरू की थी, लेकिन मौजूदा सरकार बुढ़ापा पेंशन काटने का काम कर रही है.

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