रोज 3 लीटर दूध देने वाली टोगेनबर्ग बकरी, पशुपालकों की आय बढ़ाने का आसान तरीका

टोगेनबर्ग नस्ल की बकरी पालन करने से पशुपालकों को दूध और मांस दोनों से आय मिल सकती है. यह नस्ल कम देखभाल में अच्छा उत्पादन देती है. संतुलित आहार और साफ वातावरण रखने से बकरी स्वस्थ रहती है और पालन व्यवसाय धीरे-धीरे लाभदायक बन सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 15 Feb, 2026 | 06:00 PM

Goat Farming: आज के समय में खेती के साथ-साथ पशुपालन किसानों की आमदनी बढ़ाने का बड़ा जरिया बन रहा है. खासकर बकरी पालन कम खर्च और जल्दी मुनाफा देने वाला काम माना जाता है. अगर सही नस्ल का चुनाव कर लिया जाए, तो यह छोटा-सा व्यवसाय भी बड़ी कमाई का रास्ता खोल सकता है. ऐसी ही एक नस्ल है टोगेनबर्ग बकरी, जो दूध और मांस दोनों के लिए जानी जाती है. आसान देखभाल और अच्छे उत्पादन की वजह से यह नस्ल धीरे-धीरे पशुपालकों के बीच लोकप्रिय हो रही है.

टोगेनबर्ग बकरी क्यों बन रही पसंद

बकरी पालन  शुरू करने वाले लोग अक्सर ऐसी नस्ल ढूंढते हैं जो ज्यादा देखभाल न मांगते हुए अच्छा उत्पादन दे सके. टोगेनबर्ग नस्ल इसी वजह से खास मानी जाती है. यह मूल रूप से विदेशी नस्ल है, लेकिन अब कई जगहों पर इसका पालन किया जा रहा है. यह बकरी रोजाना लगभग 1 से 3 लीटर तक दूध दे सकती है. इसका दूध पोषण से भरपूर होता है और बाजार में इसकी मांग भी अच्छी रहती है. यही कारण है कि कई पशुपालक इसे कमाई का अच्छा जरिया मानते हैं. इस नस्ल का शरीर मजबूत होता है और यह अलग-अलग मौसम में आसानी से ढल जाती है, जिससे पालन करना आसान हो जाता है.

दूध और मांस दोनों से कमाई

बकरी पालन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें एक से ज्यादा तरीके से आय हो सकती है. टोगेनबर्ग नस्ल  में भी यही खासियत देखने को मिलती है. इसका दूध बाजार में अच्छी कीमत पर बिक जाता है. वहीं, बकरी के बच्चे बड़े होकर मांस के रूप में भी अच्छी कमाई दे सकते हैं. अगर कोई पशुपालक छोटे स्तर से भी शुरुआत करता है, तो धीरे-धीरे अपने पशुओं की संख्या बढ़ाकर आय बढ़ा सकता है. संतुलित आहार और सही देखभाल से यह नस्ल बेहतर उत्पादन देती है. इससे हर महीने हजारों रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है.

पहचान और कीमत जानना जरूरी

टोगेनबर्ग नस्ल की पहचान करना ज्यादा मुश्किल नहीं होता. इसके कान लंबे और पतले होते हैं, पूंछ छोटी होती है और शरीर हल्के भूरे या सफेद रंग का दिखाई देता है. शरीर आकार में छोटा लेकिन मजबूत होता है. कीमत की बात करें तो यह बकरी सामान्य नस्लों से थोड़ी महंगी होती है. इसकी कीमत उम्र और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. आमतौर पर एक बकरी की कीमत  लगभग 5 हजार रुपये से शुरू होकर 25 हजार रुपये तक जा सकती है. अच्छी नस्ल खरीदना हमेशा फायदेमंद रहता है, क्योंकि इससे आगे चलकर उत्पादन बेहतर मिलता है.

सही देखभाल से बढ़ेगा मुनाफा

किसी भी पशुपालन में सफलता  का सबसे बड़ा आधार सही देखभाल होती है. टोगेनबर्ग बकरी को साफ और हवादार जगह पर रखना चाहिए. संतुलित आहार देने से यह स्वस्थ रहती है और दूध उत्पादन भी अच्छा होता है. समय-समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच भी जरूरी है, ताकि बीमारियों से बचाव हो सके. इसके साथ ही बाजार की जानकारी रखना भी जरूरी है, जिससे दूध और मांस सही कीमत पर बेचा जा सके. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो बकरी पालन एक भरोसेमंद आय का जरिया बन सकता है. कम निवेश में शुरू होने वाला यह काम धीरे-धीरे बड़ी कमाई का रास्ता बना सकता है और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकता है.

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