यूपी के खेतों में लहलहाएगा ज्यादा गन्ना! टिश्यू कल्चर से बढ़ेगी पैदावार और किसानों की कमाई

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में टिश्यू कल्चर आधारित गन्ना पौध उत्पादन केंद्र बनाया जाएगा. इससे किसानों को रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले गन्ने के पौधे मिलेंगे. आधुनिक तकनीक से उत्पादन बढ़ेगा, लागत घटेगी और गन्ना किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 7 Aug, 2026 | 04:56 PM

Sugarcane Farming: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य में अब किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले और रोगमुक्त गन्ने के पौधे उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. कुशीनगर जिले के खड्डा स्थित आईपीएल शुगर मिल परिसर में टिश्यू कल्चर आधारित गन्ना पौध उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को वायरस मुक्त, उच्च गुणवत्ता वाले और अधिक उत्पादन देने वाले गन्ने के पौधे उपलब्ध कराना है.

इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को बाहर से पौध सामग्री मंगाने की जरूरत कम होगी. टिश्यू कल्चर तकनीक के जरिए तैयार पौधे स्थानीय मिट्टी और जलवायु के अनुसार विकसित किए जाएंगे, जिससे गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी.

कुशीनगर में तैयार होगी आधुनिक टिश्यू कल्चर सुविधा

आईपीएल शुगर मिल  खड्डा में बनने वाली इस सुविधा के प्रस्ताव को मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है. परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. मिल परिसर में आधुनिक टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला और इससे जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी. आईपीएल शुगर मिल के महाप्रबंधक एनपी सिंह के अनुसार, इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञ एजेंसी से बातचीत शुरू हो चुकी है. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. इस केंद्र के माध्यम से बड़े स्तर पर गन्ने की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जा सकेगी.

रोगमुक्त पौधों से बढ़ेगी गन्ने की गुणवत्ता

टिश्यू कल्चर तकनीक गन्ना उत्पादन  में एक आधुनिक वैज्ञानिक तरीका है. इसमें स्वस्थ पौधे के ऊतक को नियंत्रित प्रयोगशाला वातावरण में विकसित कर बड़ी संख्या में एक समान और रोगमुक्त पौधे तैयार किए जाते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से तैयार गन्ने के पौधों में रोगों का खतरा कम रहता है. इससे फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होती है और किसानों को अधिक उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही गन्ने की गुणवत्ता और चीनी रिकवरी में भी सुधार हो सकता है.

किसानों को मिलेगा बेहतर रोपण सामग्री का विकल्प

टिश्यू कल्चर से तैयार पौधों को पहले नर्सरी  में विकसित किया जाएगा. इसके बाद इन्हें किसानों को खेती के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. इससे किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री आसानी से मिल सकेगी. पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती से जुड़े हैं. ऐसे में स्थानीय स्तर पर बेहतर पौध उपलब्ध होने से किसानों की लागत कम होगी और समय पर रोपाई भी संभव हो सकेगी. इसका सीधा फायदा गन्ना उत्पादन पर पड़ेगा.

चीनी उद्योग को भी मिलेगा फायदा

यह परियोजना सिर्फ किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि चीनी उद्योग के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है. बेहतर गुणवत्ता वाले गन्ने की उपलब्धता  से मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना मिलेगा और चीनी उत्पादन क्षमता में सुधार होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि रोगमुक्त और उन्नत किस्मों के गन्ने को बढ़ावा देने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. उत्तर प्रदेश में टिश्यू कल्चर आधारित गन्ना उत्पादन सुविधा कृषि क्षेत्र में नई तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.

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Published: 7 Aug, 2026 | 04:56 PM

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