दस साल बाद बदली केरल की सत्ता, वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली… विकास पर रहेगा फोकस
नई सरकार में पुराने अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है. कुल 20 मंत्रियों में 14 मंत्री पहली बार शपथ लेकर सरकार का हिस्सा बने हैं. कैबिनेट में दो महिला मंत्रियों और अनुसूचित जाति समुदाय के दो नेताओं को भी जगह दी गई है. इससे साफ संकेत मिलता है कि नई सरकार सामाजिक संतुलन और नए नेतृत्व दोनों पर ध्यान देना चाहती है.
VD Satheesan oath ceremony: केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव अब औपचारिक रूप से पूरा हो गया है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की नई सरकार ने आज तिरुवनंतपुरम में शपथ ग्रहण कर लिया. वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य में नई सरकार की शुरुआत की. उनके साथ 20 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली.
तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे. समारोह के दौरान पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला. दस साल बाद सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए यह दिन बेहद खास माना गया.
दस साल बाद बदली केरल की सत्ता
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा ने शानदार जीत दर्ज की थी. 140 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन को 102 सीटें मिलीं. कांग्रेस ने अकेले 63 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 22 सीटें मिलीं.
वहीं वाम लोकतांत्रिक मोर्चा 35 सीटों तक सीमित रह गया. भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली. चुनाव परिणाम आने के बाद से ही नई सरकार के गठन को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी. अब शपथ ग्रहण के साथ नई सरकार ने आधिकारिक रूप से कामकाज संभाल लिया है.
अनुभवी और नए चेहरों का मिला संतुलन
नई सरकार में पुराने अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है. कुल 20 मंत्रियों में 14 मंत्री पहली बार शपथ लेकर सरकार का हिस्सा बने हैं. कैबिनेट में दो महिला मंत्रियों और अनुसूचित जाति समुदाय के दो नेताओं को भी जगह दी गई है. इससे साफ संकेत मिलता है कि नई सरकार सामाजिक संतुलन और नए नेतृत्व दोनों पर ध्यान देना चाहती है.
कांग्रेस और सहयोगी दलों को मिला प्रतिनिधित्व
नई सरकार में कांग्रेस के 11 मंत्री शामिल हैं. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को पांच मंत्री पद दिए गए हैं, जबकि बाकी सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है. रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, ए पी अनिल कुमार और सनी जोसेफ जैसे वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है. वहीं पी सी विष्णुनाध, बिंदु कृष्णा, रोजी एम जॉन, टी सिद्दीकी और ओ जे जनीश जैसे नए नेताओं को पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला.
सहयोगी दलों की ओर से पी के कुन्हालीकुट्टी, पी के बशीर, के एम शाजी, शिबू बेबी जॉन, मोन्स जोसेफ और अनूप जैकब भी नई सरकार का हिस्सा बने हैं.
राज्यपाल को पहले ही सौंप दी गई थी सूची
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले वीडी सतीशन ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर मंत्रियों की अंतिम सूची सौंपी थी. इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई थी. नई कैबिनेट को लेकर कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी ताकि सभी समुदायों और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जा सके.
विधानसभा में भी हुए अहम फैसले
नई सरकार के गठन के साथ विधानसभा के महत्वपूर्ण पदों को लेकर भी सहमति बन गई है. वरिष्ठ विधायक तिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी है, जबकि शानिमोल उस्मान उपाध्यक्ष पद संभाल सकती हैं. इसके अलावा मुख्य सचेतक का पद केरल कांग्रेस के हिस्से में जाने की संभावना है.
राष्ट्रीय राजनीति में भी बढ़ा कांग्रेस का कद
केरल में सरकार बनने के बाद अब कांग्रेस देश के चार राज्यों में सत्ता में आ गई है. इससे पहले पार्टी तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में सरकार चला रही थी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केरल की जीत ने कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर नई ताकत दी है. लंबे समय बाद पार्टी ने दक्षिण भारत के एक बड़े राज्य में इतनी मजबूत वापसी की है.
नई सरकार से जनता की बड़ी उम्मीदें
राज्य में नई सरकार बनने के बाद लोगों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं. जनता रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और महंगाई जैसे मुद्दों पर तेज फैसलों की उम्मीद कर रही है.
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने भी साफ कहा है कि उनकी सरकार पारदर्शिता, विकास और जनहित के मुद्दों पर काम करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी को राजनीति और प्रशासन में आगे लाने की जरूरत है और इसी सोच के तहत नए चेहरों को मौका दिया गया है.