प्रधान और सचिव गांव में काम कराए बगैर खा गए 15 लाख, दूसरे की जमीन बेच रहा लेखपाल गिरफ्तार
ग्रामीण इलाकों में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों में ग्रामीण विकास पर चोट पहुंचाई है. यह स्थिति तब और चिंताजनक बन जाती है जब सरकारी अफसर भी इन मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के दो जिलों के गांवों में विकास कार्य और जमीन बिक्री मामले में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का खुलासा किया गया है.
ग्रामीण इलाकों में किसानों और ग्रामीणों को कागजों में उलझाकर झांसा दिया जा रहा है और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा दो मामले उत्तर प्रदेश के बलिया और गाजियाबाद जिले से हैं. बलिया में ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने बिना विकास कार्य कराए ही 15 लाख रुपये खा गए. वहीं, गाजियाबाद ऐसे गैंग का पर्दाफाश हुआ है जो दूसरे की जमीनों को फर्जी तरीके से अपनी बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे. मामले में पूर्व लेखपाल समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
बलिया में काम कराया नहीं और पैसे उठाए
उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के उभांव थाने में हल्दी रामपुर ग्राम पंचायत में बगैर कार्य कराए ही लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त करने के मामले में ग्राम प्रधान और दो ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध गबन और धोखाधड़ी के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. जांच में पाया गया है कि जिन कामों को पूरा दिखाक पैसे लिए गए वो काम कराए ही नहीं गए. प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने मिलीभगत कर फर्जी तरीके पैसे का भुगतान ले लिया.
शिकायत के बाद दोनों पर मुकदमा दर्ज
बलिया जिले के मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने पीटीआई को बताया कि सीयर क्षेत्र पंचायत के सहायक विकास अधिकारी मनोज कुमार सिंह की तहरीर पर उभांव थाने में मंगलवार को हल्दी रामपुर ग्राम पंचायत के दो तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी/सचिव मनोज कुमार और उपेंद्र के साथ ही ग्राम प्रधान अनंत देव सिंह के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है.
अर्थला गांव में दूसरे की जमीन बेच रहा था पूर्व लेखपाल
दूसरे मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले कहा है जहां पर पुलिस ने जमीन बेचने के बहाने लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफ़ाश किया और एक पूर्व लेखपाल समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया. आरोपी करोड़ों रुपये की जमीन पर अपना मालिकाना हक जताने के लिए नकली कागजात का इस्तेमाल कर रहे थे और उसे बेचने की कोशिश में थे.
100 करोड़ की जमीन के फर्जी कागज बनवाए
पीड़ित जमीन मालिक राजकुमार अग्रवाल ने रविवार को साहिबाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें स्थानीय लोगों से पता चला कि सुरेंद्र सिंह नाम का एक व्यक्ति धोखाधड़ी करके अर्थला गांव में उनकी लगभग 100 करोड़ रुपये की जमीन बेचने की कोशिश कर रहा था. DCP (ट्रांस-हिंडन/सिटी) धवल जायसवाल ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत FIR दर्ज की और जांच के लिए एक टीम बनाई. सोमवार को 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया.