जम्मू में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से बदलेगी खेती की तस्वीर, किसानों को मिलेंगे बेहतर बीज और नई तकनीक

सरकार का मकसद सिर्फ खेती को आसान बनाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना भी है. जब किसान को सही संसाधन, सही जानकारी और नई तकनीक मिलेगी, तो उसकी कमाई भी बढ़ेगी. यह सेंटर उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जो किसानों को आगे बढ़ने में मदद करेगा.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 8 Apr, 2026 | 01:52 PM

Centre of Excellence farming: जम्मू-कश्मीर में खेती को बेहतर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू के तालाब तिल्लो में करीब 5.93 करोड़ रुपये की लागत से बने एक खास “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” का उद्घाटन किया. यह केंद्र किसानों के लिए किसी नई उम्मीद से कम नहीं है, क्योंकि यहां उन्हें अच्छे बीज, बेहतर पौधे और आधुनिक खेती की तकनीकें मिलेंगी.

किसानों के लिए नई उम्मीद

यह सेंटर खास तौर पर सब्जी और फूलों की आधुनिक खेती पर फोकस करता है. इसे NABARD के सहयोग से विकसित किया गया है. यहां हाई-टेक पॉलीहाउस जैसी सुविधाएं तैयार की गई हैं, जिससे किसानों को नई तकनीक सीखने और अपनाने का मौका मिलेगा. मुख्यमंत्री ने केंद्र का दौरा करते हुए कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे. अगर किसान को सही बीज और अच्छी गुणवत्ता का पौधा मिलेगा, तो उसकी मेहनत का पूरा फल भी मिलेगा.

खेती अब पहले जैसी आसान नहीं रही

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में खेती करना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है. पहले किसान मौसम पर भरोसा कर लेते थे, लेकिन अब मौसम खुद भरोसे लायक नहीं रहा. कभी समय पर बारिश नहीं होती और कभी इतनी ज्यादा हो जाती है कि फसल ही खराब हो जाती है. कई बार फसल तैयार होने के बाद अचानक बारिश या ओले गिर जाते हैं और पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है.

मौसम का असर कम करना जरूरी

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मौसम को तो बदला नहीं जा सकता, लेकिन उसके असर को जरूर कम किया जा सकता है. यही सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों को ऐसे हालात से बचाने में मदद करे. इसके लिए उन्होंने फसल बीमा, बेहतर सिंचाई और मजबूत कृषि ढांचे की जरूरत बताई. अगर किसान को समय पर पानी और सही संसाधन मिलें, तो वह नुकसान से बच सकता है.

पानी हर खेत तक पहुंचे, यही लक्ष्य

उन्होंने सिंचाई व्यवस्था पर भी खास जोर दिया. अक्सर बड़ी नहरों की सफाई तो हो जाती है, लेकिन छोटी नहरों और आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने पर ध्यान नहीं दिया जाता. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अब नहरों के आखिरी हिस्से तक सफाई हो, ताकि पानी हर खेत तक पहुंचे और कोई किसान इससे वंचित न रहे.

अच्छे बीज ही तय करते हैं फसल का भविष्य

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर बीज और पौधे की गुणवत्ता अच्छी नहीं होगी, तो किसान की पूरी मेहनत बेकार हो जाती है. किसान जमीन में बीज डालता है, मेहनत करता है, लेकिन अगर बीज ही सही नहीं है, तो उसे फायदा नहीं मिल पाता. इसलिए जरूरी है कि किसानों को भरोसेमंद और अच्छी गुणवत्ता वाला बीज मिले.

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का असली फायदा

तालाब तिल्लो में बना यह सेंटर इसी कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है. यहां तैयार किए जाने वाले पौधे और बीज बेहतर गुणवत्ता के होंगे, जिससे किसानों को अच्छी पैदावार मिलेगी. इसके अलावा किसानों को यहां नई तकनीकें सीखने का मौका भी मिलेगा, जिससे वे बदलते मौसम के हिसाब से अपनी खेती को ढाल सकेंगे.

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम

सरकार का मकसद सिर्फ खेती को आसान बनाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना भी है. जब किसान को सही संसाधन, सही जानकारी और नई तकनीक मिलेगी, तो उसकी कमाई भी बढ़ेगी. यह सेंटर उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जो किसानों को आगे बढ़ने में मदद करेगा.

बदलते समय के साथ बदलनी होगी खेती

आज के दौर में खेती को पुराने तरीकों से नहीं चलाया जा सकता. मौसम बदल रहा है, चुनौतियां बढ़ रही हैं, ऐसे में किसानों को भी नई तकनीकों और तरीकों को अपनाना होगा. ऐसे सेंटर किसानों को यही सिखाने और समझाने का काम करेंगे.

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