बंपर पैदावार बनी ताकत! सरकार 10 लाख टन प्याज की करेगी प्रोसेसिंग, मिलेगा बेहतर दाम

महाराष्ट्र सरकार प्याज किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए 10 लाख टन अतिरिक्त प्याज की प्रोसेसिंग करेगी. 500-700 करोड़ रुपये की प्रस्तावित डिहाइड्रेशन परियोजना से फसल खराब होने का नुकसान कम होगा. वहीं, 2 लाख टन के सरकारी खरीद लक्ष्य के मुकाबले NAFED और NCCF अब तक सिर्फ 14,000 टन प्याज ही खरीद सके हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 11 Jul, 2026 | 06:26 PM

महाराष्ट्र के प्याज किसानों के लिए राहत की खबर है. प्याज की ज्यादा पैदावार के दौरान किसानों को कम दाम मिलने की समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार नई प्याज डिहाइड्रेशन (सूखा प्याज) परियोजना शुरू करने जा रही है. इस योजना के तहत किसान उत्पादक कंपनियों (FPCs) के जरिए करीब 10 लाख टन अतिरिक्त प्याज की प्रोसेसिंग की जाएगी, ताकि फसल खराब होने से बचे और किसानों को बेहतर कीमत मिल सके.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने विधानसभा में कहा है कि इस परियोजना पर 500 करोड़ से 700 करोड़ रुपये तक का निवेश करने पर विचार किया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य अतिरिक्त प्याज का बेहतर उपयोग करना, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाना है. विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि भारत में हर साल करीब 320 लाख मीट्रिक टन प्याज का उत्पादन होता है, जिसमें अकेले महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 150 लाख मीट्रिक टन है. जबकि देश में इसकी खपत सिर्फ 150 लाख मीट्रिक टन है.

अब तक केवल 14,000 टन प्याज की खरीद हुई

उन्होंने कहा कि उत्पादन और खपत के बीच बड़ा अंतर होने की वजह से अतिरिक्त प्याज का प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और वैल्यू एडिशन करना जरूरी हो गया है. इससे किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी और फसल खराब होने से होने वाला नुकसान भी कम होगा. मंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा ग्रीष्मकालीन प्याज खरीद अभियान के तहत नेफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) ने अब तक केवल 14,000 टन प्याज की खरीद की है.

प्याज खरीद बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने NAFED और NCCF को कृषि उपज मंडियों (APMC) में नीलामी के जरिए सीधे किसानों से प्याज खरीदने के निर्देश दिए हैं. इस खरीद को आसान बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने इन दोनों केंद्रीय एजेंसियों के लिए मंडी शुल्क (मार्केट फीस) भी माफ कर दिया है.

2 लाख टन प्याज की खरीद

केंद्र सरकार ने 15 मई से बफर स्टॉक बनाने के लिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का अभियान शुरू किया था. शुरुआत में खरीद मूल्य 1,235 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था, लेकिन बाजार भाव को देखते हुए इसे सात बार बढ़ाया गया. फिलहाल सरकार किसानों से 2,125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीद रही है. सरकार की ओर से खरीद मूल्य बढ़ाने के बावजूद प्याज की सरकारी खरीद की रफ्तार धीमी बनी हुई है. करीब 50 दिनों में NAFED और NCCF मिलकर 2 लाख टन के लक्ष्य का सिर्फ 7 प्रतिशत यानी लगभग 14,000 टन प्याज ही खरीद सके हैं.

लासलगांव APMC में प्याज का ताजा रेट

इस साल का खरीद लक्ष्य भी पिछले साल के 3 लाख टन की तुलना में कम रखा गया है. वहीं, शुक्रवार को एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव APMC में प्याज का औसत थोक भाव 2,051 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि गुणवत्ता के अनुसार कीमत 800 रुपये से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज की गई.

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Published: 11 Jul, 2026 | 05:37 PM