किसानों की आय बढ़ाने की बड़ी पहल, अब कोई भी बन सकता है PACS सदस्य.. गांव में मिलेंगी 300 सेवाएं

बिहार में PACS को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने सदस्यता प्रक्रिया आसान कर दी है. अब कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सदस्य बन सकता है. इससे किसानों को लोन, फसल बेचने और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा. साथ ही गांवों में 300 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीण जीवन आसान होगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 23 Mar, 2026 | 03:50 PM

Bihar PACS News: गांवों में अब सहकारिता की एक नई लहर तेजी से फैल रही है. बिहार सरकार ने किसानों को मजबूत बनाने के लिए प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को गांव-गांव तक पहुंचाने का बड़ा फैसला लिया है. अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर PACS का सदस्य बन सकता है. इससे पूरी प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है. इस पहल से किसानों को सीधे फायदा मिलेगा और गांवों में नई आर्थिक ताकत देखने को मिलेगी.

अब बिना सीमा के बनेंगे PACS सदस्य

बिहार में अब PACS सदस्य बनने की कोई सीमा नहीं रही. सहकारिता विभाग  ने सभी समितियों को आदेश जारी कर दिया है कि इच्छुक लोग ऑनलाइन आवेदन करके सदस्य बन सकते हैं. इससे ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ पाएंगे और PACS मजबूत होंगे. हर PACS का संचालन 13 सदस्यीय प्रबंध समिति करेगी, जिसका चुनाव हर 5 साल में होगा. खास बात यह है कि इसमें 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के लिए भी आरक्षण तय किया गया है, जिससे सभी वर्गों को बराबर भागीदारी मिले.

PACS बन रहे मल्टीपर्पस सेंटर, मिलेंगी 300 से ज्यादा सेवाएं

अब PACS सिर्फ अनाज खरीद तक सीमित नहीं रहेंगे. इन्हें मल्टीपर्पस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां जन औषधि केंद्र खोले  जा रहे हैं और 300 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. लोग यहां जाति, निवास प्रमाण पत्र, रेलवे टिकट बुकिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भी भर सकते हैं. इसके अलावा PACS को LPG गैस सिलेंडर आउटलेट खोलने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है. इससे गांव के लोगों को शहर जाने की जरूरत कम होगी.

किसानों को मिलेगा सीधा फायदा, आसान होगा काम

इस पहल का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा. PACS के जरिए उन्हें आसानी से लोन मिलेगा, जिससे वे खेती में निवेश कर सकेंगे. साथ ही, फसल की खरीद  की बेहतर व्यवस्था होने से उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिलेगा. बिचौलियों की भूमिका कम होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा. इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और खेती का काम पहले से आसान हो जाएगा.

बाजार और गोदाम होंगे हाईटेक, किसानों को मिलेगी सुविधा

राज्य सरकार ने बिहार के 9 कृषि बाजार परिसरों को आधुनिक बनाने के लिए 83.59 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है. इस योजना में 95 फीसदी राशि NABARD से ऋण के रूप में और 5 फीसदी राज्य सरकार देगी. यह बाजार सासाराम, बेगूसराय, कटिहार, फारबिसगंज, जहानाबाद, दरभंगा, किशनगंज, छपरा और बिहटा में विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा पटना के मुसल्लहपुर बाजार को 68.41 करोड़ रुपये से हाईटेक बनाया जा रहा है. इसके साथ ही PACS में 200, 500 और 1000 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिससे किसान अपनी फसल सुरक्षित रख  सकें और सही समय पर बेच सकें.

किसानों के लिए बदलेगी पूरी तस्वीर

इस नई पहल से बिहार में सहकारिता को नई ताकत मिलेगी. PACS के मजबूत होने से किसानों को गांव में ही सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी. इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों  में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. कुल मिलाकर, यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. आने वाले समय में यह बदलाव किसानों की जिंदगी को और बेहतर बना सकता है.

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