Flower Farming: खेती की दुनिया अब तेजी से बदल रही है. पहले जहां किसान केवल गेहूं, धान या गन्ने जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहते थे, वहीं अब कई किसान नकदी फसलों की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं. खासकर फूलों की खेती किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बनती जा रही है. खेतों में खिले रंग-बिरंगे फूल न केवल खेतों की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. कृषि वैज्ञानिक एफ.आर. कोसरिया, उद्यान विभाग छत्तीसगढ़ के अनुसार अगर किसान सही जानकारी और देखभाल के साथ फूलों की खेती करें तो यह पारंपरिक खेती की तुलना में ज्यादा मुनाफा दे सकती है.
सूरजमुखी जैसे दिखने वाले खास फूल की बढ़ी मांग
इन दिनों एक खास किस्म का फूल किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है. यह फूल देखने में सूरजमुखी जैसा लगता है और अपनी खूबसूरती की वजह से लोगों का ध्यान आसानी से खींच लेता है. स्थानीय स्तर पर इसे क्राउन डेजी (Crown Daisy) के नाम से जाना जाता है. आम बोल चाल की भाषा में किसान इसे मार्किट फूल के नाम से जानते हैं. किसानों का कहना है कि इस फूल की खासियत इसका आकर्षक रंग और बड़ा आकार है. यही कारण है कि सजावट के लिए इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. खेतों में जब यह फूल खिलते हैं तो पूरा खेत पीले रंग से भर जाता है, जो देखने में बेहद सुंदर लगता है.
पारंपरिक खेती के साथ नया विकल्प
कई किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ फूलों की खेती भी कर रहे हैं. इससे उन्हें एक नया आय का स्रोत मिल रहा है. फूलों की खेती में मेहनत जरूर लगती है, लेकिन अगर इसकी सही तरीके से देखभाल की जाए तो इससे अच्छी आमदनी भी हो सकती है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फूलों की खेती कम समय में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है. यही वजह है कि धीरे-धीरे कई किसान इस खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं. किसानों का मानना है कि अगर बाजार की मांग को ध्यान में रखकर खेती की जाए तो फूलों की खेती से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

क्राउन डेजी
बाजार में मिल रही अच्छी कीमत
फूलों की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. किसानों के अनुसार इस खास किस्म के फूल की कीमत बाजार में करीब 250 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है. जब कीमत अच्छी मिलती है तो किसानों की आय भी बढ़ती है. यही कारण है कि कई किसान अब इसे नकदी फसल के रूप में अपनाने लगे हैं. खेती से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर किसान सही समय पर फूलों की कटाई करें और सीधे बाजार तक पहुंच बनाएं तो उन्हें बेहतर दाम मिल सकते हैं.
सुंदर फूल और सेहतमंद साग वाला खास पौधा
क्राउन डेजी एक तेजी से बढ़ने वाला वार्षिक पौधा है, यह एस्टेरेसी (Asteraceae) परिवार का पौधा है और अपने पीले-सफेद आकर्षक फूलों तथा खुशबूदार पत्तियों के लिए जाना जाता है. यह पौधा आमतौर पर 2 से 5 फीट तक ऊंचा बढ़ सकता है और बगीचों की सजावट के साथ-साथ खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है.
एशियाई देशों में इसकी पत्तियों का उपयोग सूप, सलाद और स्टिर-फ्राई जैसे व्यंजनों में साग के रूप में किया जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. खेती की बात करें तो यह पौधा ठंडी और हल्की जलवायु में बेहतर बढ़ता है. इसे वसंत या पतझड़ के मौसम में आसानी से उगाया जा सकता है. अच्छी धूप और हल्की, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में इसकी वृद्धि अच्छी होती है, जबकि ज्यादा पानी से पौधा प्रभावित हो सकता है.

इसके बीज वसंत और पतझड़ की शुरुआत में बोए जा सकते हैं.
सही जानकारी और मेहनत से बढ़ेगी आमदनी
कृषि वैज्ञानिक एफ.आर. कोसरिया, उद्यान विभाग छत्तीसगढ़ के अनुसार अगर किसान फूलों की खेती को सही तरीके से करें तो यह बहुत लाभदायक साबित हो सकती है. इसके लिए खेत की अच्छी तैयारी, सही समय पर सिंचाई और पौधों की देखभाल जरूरी होती है. उन्होंने बताया कि फूलों की खेती में रोग और कीट से बचाव का भी ध्यान रखना चाहिए. अगर किसान समय-समय पर खेत की निगरानी करें और जरूरी उपाय अपनाएं तो उत्पादन भी अच्छा होता है और गुणवत्ता भी बेहतर रहती है.
आज कई किसान यह समझ चुके हैं कि केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. अगर खेती में थोड़ी नई सोच और नई तकनीक अपनाई जाए तो कम जमीन से भी अच्छी कमाई की जा सकती है. फूलों की खेती इसका एक अच्छा उदाहरण बनती जा रही है. खेतों में खिले रंग-बिरंगे फूल अब किसानों के लिए खुशहाली और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बन रहे हैं.