गेहूं नहीं, अब मिलेट्स बनाएंगे मालामाल! रागी-ज्वार प्रोसेसिंग यूनिट पर 35 फीसदी सरकारी अनुदान

अगर आप कम निवेश में नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो मिलेट्स बेहतरीन अवसर है. उत्तर प्रदेश में रागी, बाजरा, ज्वार और कोदो से उत्पाद बनाने वाली प्रोसेसिंग यूनिट पर सरकार 35 फीसदी सब्सिडी दे रही है, जिससे अच्छी कमाई और रोजगार दोनों संभव हैं.

नोएडा | Updated On: 14 Aug, 2026 | 08:25 PM

Millets Business: उत्तर प्रदेश में मिलेट्स आधारित उद्योग लगाने वालों के लिए बड़ी राहत है. राज्य सरकार की योजना के तहत रागी, बाजरा, ज्वार और कोदो जैसे मोटे अनाज से उत्पाद बनाने वाली इकाइयों को परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है. उत्तर प्रदेश कृषि एवं उद्यान विभाग के अनुसार इच्छुक किसान, महिला समूह और युवा उद्यमी आवेदन कर प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं.

मिलेट्स कारोबार को सरकार दे रही बढ़ावा

उत्तर प्रदेश कृषि एवं उद्यान विभाग के अनुसार मोटे अनाज को बढ़ावा  देने के लिए राज्य में मिलेट्स आधारित प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है. रागी, बाजरा, ज्वार और कोदो जैसे अनाज से आटा, बिस्किट, केक, मफिन, कुकीज और अन्य पौष्टिक खाद्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. मुरादाबाद उद्यान विभाग में डीआरपी विमल कुमार तोमर के मुताबिक मिलेट्स ग्लूटेन-फ्री होते हैं, इसलिए इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है. स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण बाजार में इन उत्पादों की अच्छी कीमत भी मिल रही है.

35% सब्सिडी से कम होगी कारोबार की लागत

विभाग के अनुसार मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट  स्थापित करने पर कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है. यह सहायता पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की जाती है. योजना का लाभ किसान, कृषि उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO) और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नया व्यवसाय शुरू करने वाले युवा भी ले सकते हैं. सब्सिडी का उद्देश्य छोटे स्तर पर मिलेट्स उद्योग स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना है.

ऐसे करें आवेदन, ये दस्तावेज होंगे जरूरी

उत्तर प्रदेश कृषि एवं उद्यान विभाग  के अनुसार आवेदन के लिए अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी (District Horticulture Office) से संपर्क करना होगा. वहां परियोजना का प्रारूप, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है.

आवेदन के लिए मुख्य दस्तावेज:-

दस्तावेजों के सत्यापन के बाद परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होती है और पात्रता के आधार पर अनुदान स्वीकृत किया जाता है.

रागी-बाजरा से लाखों की कमाई का मौका

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कच्चा अनाज बेचने  की बजाय उसका वैल्यू एडिशन करने पर आय कई गुना बढ़ सकती है. उदाहरण के तौर पर बाजरा और रागी से तैयार कुकीज, हेल्दी स्नैक्स, मल्टीग्रेन आटा और बेकरी उत्पाद शहरी बाजार में अच्छी मांग रखते हैं. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग किसानों को मिलेट्स उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है. यदि कोई उद्यमी सही योजना के साथ प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करता है, तो सरकारी सब्सिडी के सहारे कम निवेश में लाभदायक कारोबार खड़ा किया जा सकता है.

Published: 15 Aug, 2026 | 06:00 AM

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