सरकार का बड़ा फैसला, डीजल-ATF निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया.. पेट्रोल पर राहत

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. इसका उद्देश्य तेल कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स लगाना है.

नोएडा | Updated On: 16 Jul, 2026 | 09:25 AM

Windfall Tax Hike: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब तेल बाजार पर भी दिखने लगा है. युद्ध तेज होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है. सरकार ने यह टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स घटाया गया है. यह फैसला सरकार की हर 15 दिन में होने वाली विंडफॉल टैक्स समीक्षा के तहत लिया गया है.

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स  4 रुपये से घटाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. वहीं, डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 8.50 रुपये से बढ़ाकर 15.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इसके अलावा हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर टैक्स 7.50 रुपये से बढ़ाकर 14.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. दरअसल, सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और तेल कंपनियों के मुनाफे को देखते हुए विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है. इसी के आधार पर इस बार टैक्स दरों में बदलाव किया गया है.

इस वजह से सरकार ने लिया फैसला

सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें  बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है. सरकार का मानना है कि तेल कंपनियों को बढ़ी हुई कीमतों से होने वाले अतिरिक्त मुनाफे का एक हिस्सा टैक्स के रूप में लिया जाएगा. यही वजह है कि डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया गया है.

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

दुनियाभर के तेल बाजार में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. बुधवार को ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 2 फीसदी बढ़कर 84.73 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो पिछले एक महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तेजी अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ फिर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के बाद आई है. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है. सबसे बड़ी चिंता हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर है. दुनिया के कुल समुद्री कच्चे तेल का करीब 20 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.

क्या होता है विंडफॉल टैक्स

भले ही केंद्र सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया है, लेकिन इसका देश में पेट्रोल और डीजल  की खुदरा कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यानी आम लोगों को पेट्रोल-डीजल के लिए ज्यादा पैसे नहीं चुकाने होंगे. दरअसल, विंडफॉल टैक्स ऐसा अतिरिक्त टैक्स है, जो सरकार तेल कंपनियों के निर्यात पर लगाती है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कंपनियां केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों का फायदा उठाकर ज्यादा मुनाफा न कमाएं. इसलिए सरकार के इस फैसले का असर निर्यात करने वाली तेल कंपनियों पर होगा, न कि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर.

 

 

Published: 16 Jul, 2026 | 09:08 AM

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