अचानक प्याज हुआ महंगा, रेट में 20 रुपये किलो की बढ़ोतरी.. आवक में भी भारी गिरावट
आंध्र प्रदेश में प्याज की सप्लाई घटने से कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है. पिछले महीने के मुकाबले प्याज 20 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है. कुर्नूल में कम बारिश के कारण प्याज की खेती प्रभावित हुई है. वहीं, कर्नाटक में भी कम बारिश से उत्पादन घटा है. ऐसे में राज्य की जरूरत दूसरे राज्यों से प्याज मंगाकर पूरी की जा रही है.
आंध्र प्रदेश में प्याज की कीमतों ने लोगों का रसोई बजट बिगाड़ दिया है. पिछले महीने के मुकाबले प्याज के दाम 20 रुपये प्रति किलो से ज्यादा बढ़ गए हैं. राज्य में प्याज की सप्लाई में भारी गिरावट के कारण कीमतों में तेजी आई है. आंध्र प्रदेश में रोजाना करीब 5,000 टन प्याज की जरूरत होती है, लेकिन बाजारों में अभी करीब 2,500 टन ही प्याज पहुंच रहा है. विशाखापत्तनम के चार प्रमुख थोक बाजारों में भी आवक घटकर 100-125 टन प्रतिदिन रह गई है, जबकि सामान्य दिनों में यहां करीब 250 टन प्याज की जरूरत होती है.
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज की सप्लाई में कमी की बड़ी वजह कुर्नूल की स्थानीय प्याज किस्म की कमी है. इस सीजन में मॉनसून की भारी कमी के कारण कुर्नूल के किसानों ने प्याज की खेती छोड़कर कपास जैसी दूसरी व्यावसायिक फसलों की खेती शुरू कर दी. कुर्नूल में आमतौर पर प्याज की फसल का सीजन अगस्त से सितंबर तक रहता है. यह इलाका आसपास के जिलों के साथ-साथ ओडिशा और पश्चिम बंगाल को भी प्याज की सप्लाई करता है. इस बार खेती घटने से इन इलाकों में प्याज की आवक और सप्लाई पर असर पड़ा है.
बारिश की कमी से प्याज की खेती प्रभावित
आंध्र प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में बारिश की भारी कमी रही है. आंध्र प्रदेश जल संसाधन सूचना और प्रबंधन प्रणाली (APWRIMS) और मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सामान्य से करीब 45 फीसदी से 54 फीसदी कम बारिश हुई है. रायसीमा क्षेत्र में भी लंबे समय तक बारिश नहीं हुई. कुर्नूल में मौसमी बारिश सामान्य से 50 फीसदी से ज्यादा कम रही. बारिश की कमी के कारण स्थानीय प्याज का स्टॉक उपलब्ध नहीं है. ऐसे में व्यापारी अब दूसरे राज्यों से प्याज मंगाकर मांग पूरी कर रहे हैं. विशाखापत्तनम की सबसे बड़ी थोक मंडी ज्ञानापुरम के प्याज कारोबारी पालम सत्यनारायण के मुताबिक, फिलहाल व्यापारी महाराष्ट्र से प्याज मंगा रहे हैं. इनमें मुख्य रूप से सोलापुर और आसपास के जिलों से सप्लाई आ रही है।
प्याज की सप्लाई घटी, खुदरा कीमतों में 20 रुपये तक उछाल
भारी बारिश की कमी के कारण कुर्नूल की प्याज की फसल इस बार पर्याप्त नहीं हो पाई है. इससे दूसरे इलाकों में प्याज की सप्लाई भी प्रभावित हुई है. फिलहाल आंध्र प्रदेश में महाराष्ट्र से प्याज मंगाया जा रहा है. यह प्याज मुख्य रूप से सोलापुर और आसपास के जिलों से आ रहा है. सप्लाई में कमी का असर प्याज की खुदरा कीमतों पर भी पड़ा है. विशाखापत्तनम के गोपालपट्टनम रायतू बाजार के एस्टेट ऑफिसर जी. प्रसाद के मुताबिक, पहली क्वालिटी का प्याज 53 रुपये किलो और दूसरी क्वालिटी का प्याज 48 रुपये किलो बिक रहा है. पिछले महीने के मुकाबले कीमत करीब 20 रुपये किलो बढ़ गई है.
कर्नाटक में कम बारिश से पैदावार घटी, सप्लाई के लिए प्याज की कमी
प्रसाद ने कहा कि अक्टूबर में बैंगलोर गुलाब प्याज आने की उम्मीद है. हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल कीमतों में राहत की उम्मीद कम है. विशाखापत्तनम के पूर्णा मार्केट के वरिष्ठ प्याज कारोबारी उन्ना गोविंदा राव के मुताबिक, कर्नाटक में कम बारिश से प्याज की पैदावार प्रभावित हुई है. इसके कारण वहां दूसरे राज्यों को भेजने के लिए प्याज का अतिरिक्त स्टॉक भी कम है.