फसल बीमा में किसानों के साथ फर्जीवाड़ा की शिकायतें, हर पॉलिसी की जांच और सत्यापन के निर्देश

PM Fasal Bima Yojana Rajasthan : किसान संगठनों ने शिकायत की है कि बीमा कंपनियां मनमाने तरीके से किसानों की जमीन पर उगाई गई फसलों की बजाय अन्य फसलों का बीमा दिखा रही हैं. राजस्थान कृषि आयुक्त ने इन शिकायतों की जांच के निर्देश दिए हैं.

नोएडा | Updated On: 28 Aug, 2026 | 07:46 PM

पीएम फसल बीमा योजना में गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने के बाद किसानों की पॉलिसियों कीं जांच करने के निर्देश राजस्थान सरकार ने दिए हैं. किसान संगठनों की ओर से शिकायत की गई थी, कि बीमा कंपनियां मनमाने तरीके से उनकी जमीन पर खेती का बीमा कर रही हैं. शिकायत में कहा गया है कि अगर किसान ने 2 एकड़ में मक्का बोया है और 2 एकड में मूंग की बुवाई की है. तो कई बीमा कंपनियां 4 एकड़ में एक ही फसल दिखा रही हैं. जबकि, नुकसान होने की स्थिति में कम भाव वाली फसल का मुआवजा दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पॉलिसियों की गहन जांच होगी. पात्र किसानों को समय पर क्लेम दिलाने, फसल कटाई प्रयोग और पोस्ट हार्वेस्ट सर्वे में पारदर्शिता के निर्देश दिए गए हैं. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए राजस्थान कृषि विभाग ने फसल बीमा पॉलिसियों के सत्यापन और योजना की निगरानी को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं. इन निर्देशों के बाद बीमा पॉलिसियों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

बीमा कंपनियों की मनमानी की शिकायतें

किसान संगठनों और किसानों ने कृषि विभाग को लिखित शिकायत की थी कि पीएम फसल बीमा योजना में गड़बड़ियां की जा रही हैं. शिकायत में कहा गया है कि बीमा कंपनियां मनमाने तरीके से उनकी जमीन पर खेती का बीमा कर रही हैं. शिकायत में कहा गया है कि अगर किसान ने 2 एकड़ में मक्का बोया है और 2 एकड में मूंग की बुवाई की है. तो कई बीमा कंपनियां 4 एकड़ में एक ही फसल दिखा रही हैं. ऐसे में नुकसान होने की स्थिति में कम भाव वाली फसल का मुआवजा मिलने की आशंका बड़ गई है.

कृषि आयुक्त ने सभी पॉलिसी जांचने के निर्देश दिए

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिकायतों के क्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर मिले और किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए. कहा गया है कि जो निजी कंपनियां बीमा कर रही हैं और उनसे किसानों की पॉलिसी मांगी जाए और फिर संबंधित किसान के पास पहुंचकर सत्यापन किया जाए.

1 लाख से ज्यादा किसानों को मिला है 152 करोड़ मुआवजा

राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों को फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल रही है. हाल ही में राज्य में योजना के तहत 1,04,822 किसानों को 152.38 करोड़ रुपये की बीमा सहायता राशि वितरित की गई है. वहीं, खरीफ 2026 के लिए भी बड़ी संख्या में किसानों ने फसल बीमा कराया है. राजस्थान सरकार ने इस सीजन से बीमा पॉलिसी जारी करने से पहले उसका सत्यापन अनिवार्य कर दिया है, ताकि फर्जी पॉलिसियों पर रोक लगे और वास्तविक किसानों को नुकसान होने पर समय पर क्लेम मिल सके.

Published: 28 Aug, 2026 | 07:45 PM

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