3 करोड़ के बाद अब 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य, महिलाओं को लेकर PM मोदी का बड़ा विजन

Lakhpati Didi Yojana: पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश में 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

नोएडा | Updated On: 15 Aug, 2026 | 04:18 PM

Lakhpati Didi Scheme 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए महिलाओं को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा. उन्होंने कहा कि सरकार अब देश में 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी. प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस पहल से ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं की कमाई बढ़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी. पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने पहले 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है. अब इस लक्ष्य को दोगुना करते हुए 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने की तैयारी है.

क्या है लखपति दीदी योजना?

‘लखपति दीदी’ पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत चलाई जा रही है. इसका मकसद स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ऐसी आमदनी के साधन उपलब्ध कराना है, जिससे उनके परिवार की सालाना आय कम से कम 1 लाख रुपये तक पहुंच सके. इस पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, छोटे कारोबार, स्वरोजगार और दूसरे आय के साधनों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है. इसका उद्देश्य सिर्फ महिलाओं की कमाई बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना भी है.

3 करोड़ के बाद अब 6 करोड़ का लक्ष्य

लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है. अब सरकार 3 करोड़ और महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम करेगी. प्रधानमंत्री के मुताबिक, अगर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं नियमित और बेहतर आमदनी से जुड़ती हैं, तो इसका असर केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहेगा. इससे गांवों में कारोबार बढ़ेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके बनेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.

देश निर्माण में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी

पीएम मोदी ने महिलाओं की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश की बेटियां अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने लड़ाकू विमान उड़ाने से लेकर सिविल एविएशन, खेल और STEM यानी विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऐसे कामों में भी अपनी जगह बना रही हैं जिन्हें पहले पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था.

सेना में भी महिलाएं दिखा रहीं दम

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी NDA के जरिए सेना में शामिल होने वाली महिलाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये बेटियां अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और देश की सशस्त्र सेनाओं में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि, महिलाओं की भूमिका अब देश की आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ सुरक्षा और रक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में भी लगातार बढ़ रही है.

गांव की महिलाओं से सेमीकंडक्टर प्लांट तक का सफर

प्रधानमंत्री ने गुजरात के साणंद स्थित सेमीकंडक्टर प्लांट की अपनी यात्रा का एक अनुभव भी साझा किया. उन्होंने बताया कि वहां काम कर रहीं कुछ आदिवासी महिलाएं पहले ऐसे गांवों से आती थीं, जहां उन्हें पासपोर्ट जैसी चीजों की जानकारी तक नहीं थी. बाद में इन्हीं महिलाओं ने विदेश जाकर ट्रेनिंग ली और वापस लौटकर चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्र में काम करना शुरू किया. पीएम मोदी ने कहा कि, इन महिलाओं का आत्मविश्वास देखकर वह काफी प्रभावित हुए.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बड़ा फायदा

6 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. ज्यादा महिलाओं के आर्थिक रूप से मजबूत होने से परिवारों की आय बढ़ सकती है और गांवों में छोटे कारोबार व रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं. प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण का संदेश साफ रहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सिर्फ महिला सशक्तिकरण का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक तरक्की का भी अहम हिस्सा है.

Published: 15 Aug, 2026 | 04:17 PM

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